पिल्लों के पंजों में लगाया आलता, महिलाओं ने गाए सोहर
राजकली ने बताया कि जैसे किसी परिवार में बच्चे का जन्म होने पर छठी कार्यक्रम किया जाता है, ठीक उसी तरह मैंने अपने पालतू डॉगी के बच्चों के लिए किया। चटनी और उसके सभी बच्चों के पंजों पर गांव की महिलाओं ने आलता (लाल रंग) लगाया। साथ ही सोहर भी गाया। जैसे ही आसपास के गांवों में यह सूचना फैली, लोग चटनी और उसके बच्चों के साथ सेल्फी खिंचवाने के लिए पहुंचने लगे। राजकली का कहना है कि चटनी ने इससे पहले भी बच्चे जन्में थे पर उनकी संख्या तीन या चार ही थी। इस बार जब उसने 9 बच्चों को जन्म दिया तो उन्होंने इसको सेलिब्रेट करने की सोची। राजकली अपने पति के खेतों पर खेती करवाती हैं। इसके अलावा उनके पास एक दर्जन से ज्यादा गाय और भैंसे हैं। इसका दूध बेचकर वह अपना परिवार चलाती हैं।
