चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जी-20 में दिल्ली आएंगे या नहीं बना बड़ा रहस्य, ड्रैगन ने साधी चुप्पी
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01-09-2023 01:59 PM
बीजिंग: भारत में होने वाला जी-20 शिखर सम्मेलन में 9-10 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। लेकिन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने से दूरी बना सकते हैं। इस शिखर सम्मेलन को अभी सिर्फ एक ही हफ्ता बचा है, लेकिन राष्ट्रपति जिनपिंग की तरफ से कार्यक्रम में हिस्सा लेने की पुष्टि नहीं की गई है। इसके अलावा भारत की ओर से भी इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया गया है। हालांकि इस मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि शी जिनपिंग के आने की संभावना बेहद कम है।
यह पूछे जाने पर कि क्या शी जिनपिंग के जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने की संभावना है, इस पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि उनके पास अभी इसका जवाब नहीं है। जी20 शिखर सम्मेलन में आने की पुष्टि अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, तुर्की, जर्मनी और फ्रांस के नेता कर चुके हैं। चीनी राष्ट्रपति के आने या न आने की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन उससे पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने साफ कर दिया था कि वह जी-20 में शामिल नहीं हो सकेंगे।
पुतिन ने किया था फोन
यूक्रेन के साथ युद्ध में फंसे रूसी राष्ट्रपति के जी-20 में शामिल होने की अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही थी। लेकिन कुछ दिनों पहले ही रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से साफ कर दिया गया था कि पुतिन इसमें हिस्सा नहीं लेंगे। मंगलवार को पीएम मोदी और पुतिन के बीच फोन पर बात भी हुई थी। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा न ले पाने को लेकर अपनी असमर्थता जताई। इसके साथ ही कहा था कि जी-20 में रूस का प्रतिनिधि विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव करेंगे।
नक्शे को लेकर बढ़ा विवाद
शी जिनपिंग के जी-20 में न आने की खबरें ऐसे समय में आ रही है, जब भारत और चीन के बीच नक्शे का विवाद बढ़ रहा है। दरअसल चीन ने हाल ही में अपना नया नक्शा जारी किया है, जिसमें उसने अक्साई चिन समेत लद्दाख और अरुणाचल पर अपना अधिकार जताया है। इसे लेकर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी। मंगलवार को भारत ने कहा था कि ऐसे कदम सिर्फ सीमा विवाद को सुलझाने में समस्या पैदा करेंगे। इसके साथ ही कहा था कि इस नक्शे का कोई आधार नहीं है।
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