क्या चीन में बैन है चैट जीपीटी
पुलिस ने बताया कि उसने जांच के दौरान पाया की फर्जी खबर का स्रोत वह कपंनी थी, जिसका मालिक संदिग्ध हांग है। उसने बताया कि व्यक्तिगत मीडिया मंच के तौर पर इस कंपनी को दक्षिणी चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के शेनझान में पंजीकृत कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, खबर के स्रोत की जानकारी मिलने के करीब 10 दिन बाद पुलिस टीम ने हांग के घर और कंप्यूटर की तलाशी ली और उसे हिरासत में लिया। एक बयान में पुलिस ने दावा किया कि हांग ने स्वीकार किया है कि उसने अपनी इच्छा के अनुसार फर्जी खबर को मनचाहे अकाउंट पर प्रसारित करने के लिए ‘बाइजियाहो’ की डुप्लीकेट जांच प्रणाली को बाइपास किया।हांग ने फर्जी खबर गढ़ने के लिए कुछ साल पहले ट्रेंड करने वाली खबरों को लिया और चैटजीपीटी की मदद से तुरंत खबर का नया संस्करण तैयार किया और बाइजियाहो पर अपलोड कर दिया। गौरतलब है कि चैटजीपीटी चीन के आईपी पतों पर प्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन चीनी उपयोगकर्ता जरूरत पड़ने पर वीपीएन के जरिये इसका इस्तेमाल करते हैं। वहीं, चीनी आईटी कंपनियां माइक्रोसॉफ्ट और गूगल की घोषणा के बाद चैटजीपीटी के अपने संस्करण बनाने के लिए प्रयोग कर रही हैं।
