विस्ट्रॉन संग डील, टाटा बनाएगी देसी आईफोन, दुनियाभर में होगी बिक्री
Updated on
28-10-2023 03:14 PM
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप भारत का पहला आईफोन मैन्युफैक्चरर बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। आईफोन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी विस्ट्रॉन के बोर्ड ने टाटा ग्रुप को अपनी भारतीय यूनिट बेचने की मंजूरी दी है। विस्ट्रॉन की यूनिट बेंगलुरु के पास है। विस्ट्रॉन ने एक बयान में कहा कि सौदे की कीमत लगभग 12.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। इस मंजूरी के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि ढाई साल के भीतर आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग शुरू हो जाएगी।
विस्ट्रॉन कॉर्प के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने शुक्रवार को बैठक की और अपनी सहायक कंपनियों एसएमएस इन्फोकॉम (सिंगापुर) पीटीई लिमिटेड और विस्ट्रॉन हांगकांग लिमिटेड को टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL) के साथ विस्ट्रॉन इन्फोकॉम मैन्युफैक्चरिंग (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड (WMMI) में सौ प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के लिए शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी दी।
दोनों पक्षों के संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद यह सौदा आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ेगा। बयान में कहा गया, सौदा पूरा होने के बाद, विस्ट्रॉन आवश्यक घोषणाएं करेगी और शेयर बाजारों को जानकारी देगी।
ग्लोबल मार्केट के लिए बनाएगा आईफोन
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने टाटा टीम को विस्ट्रॉन का संचालन संभालने के लिए बधाई देते हुए कहा, टाटा समूह अब भारत से घरेलू और ग्लोबल मार्केट के लिए आईफोन बनाना शुरू करेगा। चंद्रशेखर ने एक्स पर पोस्ट में कहा, भारतीय कंपनियों के साथ भारत से ग्लोबल सप्लाई चेन बनाने की दिशा में यह ऐपल के लिए बहुत अच्छा कदम है। उन्होंने कहा कि आईटी मंत्रालय पूरी तरह ग्लोबल लेवल की भारतीय इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों के समर्थन में खड़ा है।
एक साल से चल रही थी बातचीत
पिछले साल कैलिफोर्निया बेस्ड कंपनी ऐपल ने चीन और अमरीका के बीच विवाद के कारण अपने ग्लोबल प्रॉडक्शन का लगभग 25% भारत में शिफ्ट करने के प्लान की घोषणा की थी। ऐपल प्रॉडक्ट्स को असेंबल करने वाली तीन ताइवानी फर्मों में से सिर्फ विस्ट्रॉन भारत छोड़ रही है। फॉक्सकॉन और पेगाट्रॉन ने भारत में अपनी प्रोडक्शन लाइनें बढ़ा दी हैं
टाटा ग्रुप और विस्ट्रॉन के बीच इस डील के लिए पिछले एक साल से बातचीत चल रही थी। विस्ट्रॉन का यह प्लांट आईफोन-14 मॉडल के प्रोडक्शन के लिए जाना जाता है। वर्तमान में इस प्लांट में 10,000 से ज्यादा वर्कर्स काम करते हैं। विस्ट्रॉन का भारतीय प्लांट अपनी 8 प्रोडक्शन लाइनों में आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग कर रहा है।
भारतीय बाजार से बाहर होगा विस्ट्रॉन
टाटा के अधिग्रहण के बाद विस्ट्रॉन पूरी तरह से भारतीय मार्केट से बाहर हो जाएगा, क्योंकि यह भारत में ऐपल प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन करने वाला कंपनी का एकमात्र प्लांट है। ताइवान की कंपनी विस्ट्रॉन ने 2008 में इंडियन मार्केट में एंट्री की थी, तब कंपनी कई डिवाइसेस के लिए रिपेयर फैसिलिटी प्रोवाइड कराती थी। 2017 में कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को एक्सपेंड किया और ऐपल के लिए आईफोन का प्रॉडक्शन शुरू किया था।
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