भारत के चावल निर्यात पर बैन से घबराए अमेरिका में बसे भारतीय, शापिंग मॉल में मची लूट
Updated on
22-07-2023 02:05 PM
कैलिफोर्निया: रूस के काला सागर डील कैंसिल करने का असर अब दिखने लगा है। भारत की तरफ से चावल के निर्यात को बैन कर दिया गया है। भारत सरकार ने गैर-बासमती चावल को बैन करने का फैसला लिया है। इस फैसले का प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर अमेरिका में बसे भारतीयों पर नजर आया। वो प्रतिबंध की जानकारी से इतना घबरा गए कि उन्होंने चावल की जमाखोरी शुरू कर दी है। जो वीडियो वहां से आ रहे हैं उनसे साफ नजर आ रहा है कि शॉपिंग मॉल में चावल की लूट मच गई है। भारतीय कई-कई बोरी चावल खरीदकर घर ले जा रहे हैं।
डील कैंसिल होने का असर गुरुवार को भारत के विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की तरफ से कहा गया है कि भारत सरकार ने गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग का कहना है कि गैर-बासमती सफेद चावल की निर्यात नीति को प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि भारत इस चावल की खेप को कुछ शर्तों के तहत निर्यात करने की अनुमति देगा जैसे कि इस अधिसूचना से पहले जहाज पर इस चावल की लोडिंग शुरू हो गई है। भारत सरकार का यह फैसला माना जा रहा है कि रूस के तरफ से काला सागर अनाज सौदा कैंसिल करने की वजह से आया है।
भारतीय इकट्ठा करने लगे चावल चावल निर्यात बंद करने के बाद अमेरिका में भारतीय चावल का स्टॉक करने के लिए दौड़ पड़े हैं। अमेरिका की दुकानों पर भारतीय सोना मसूरी चावल की कीमतों में कई गुना इजाफा हो गया है। कुछ दिनों पहले ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में भी कहा गया था कि भारत सरकार चावल की अधिकांश किस्मों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है
डीजीएफटी की अधिसूचना के बाद पूरी दुनिया के बाजारों में घबराहट की स्थिति है लेकिन अमेरिका में हालात थोड़े ज्यादा मुश्किल नजर आ रहे हैं। यहां पर बसे बहुत से भारतीय, प्रतिबंध खत्म होने तक चावल की बोरियों का स्टॉक करने के लिए भारतीय दुकानों और कॉस्टको में पहुंच गए। इसके बाद कई भारतीय दुकानों पर 'एक व्यक्ति एक बोरी' वाला नियम लागू करना पड़ा। वहीं, कई दुकानों पर कीमतों में 32 डॉलर से 47 डॉलर तक का इजाफा हुआ है। जबकि पहले यह आंकड़ा 22 डॉलर तक ही था।
और महंगा होगा अमेरिका में चावल प्रतिबंध से भारत का करीब 80 फीसदी चावल निर्यात प्रभावित हो सकता है। भारत के अंदर चावल की कीमतें कम हो सकती हैं लेकिन दुनियाभर में कीमतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि भारत के प्रमुख चावल उत्पादक क्षेत्रों में कम बारिश की वजह से पिछले 10 दिनों में कीमतों में 20 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अल नीनो के कारण सप्लाई की चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा भारत के फैसले की वजह से वियतनाम से आने वाला चावल भी महंगा हो गया है। इसकी वजह से चावल की कीमतें अमेरिका में इस हफ्ते एक दशक के बाद सबसे अधिक ज्यादा हो गई हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि अगर भारत निर्यात सीमित करेगा तो कीमतें और बढ़ेंगी।
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