सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
इससे पहले याची नेहा सिंह के अधिवक्ता की ओर से राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण भारत संघ और अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पेश किया गया। इस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आवेदन को रोकना गलत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने लिंग पहचान को व्यक्ति की गरिमा का अभिन्न अंग माना है। कोर्ट ने कहा है कि यदि ऐसा नियम नहीं है तो राज्य केंद्रीय कानून के अनुरूप ऐसा अधिनियम बनाना चाहिए।
