चीन से नेपाल के बीच रेलवे पर 3 अरब डॉलर का खर्च
इसके बाद भारत के कान खड़े हो गए और उसने रक्सौल से काठमांडू के बीच रेल दौड़ाने की योजना का प्रस्ताव दे दिया। इसके बाद साल 2018 में तत्कालीन पीएम केपी ओली के भारत दौरे के दौरान इस रेलवे लाइन पर हस्ताक्षर हो गया। भारत इस बिजली से चलने वाली रेलवे लाइन के लिए वित्तीय मदद दे रहा है। वहीं चीन से नेपाल के बीच रेलवे लाइन बनाने पर करीब 3 अरब डॉलर का खर्च आएगा। नेपाली विशेषज्ञों का कहना है कि चीन को इस रेलवे परियोजना का अध्ययन करने में अभी 42 महीने लगेंगे। भारत ने देरी से शुरुआत की लेकिन वह बहुत ही जल्द अपने फाइनल लोकेशन सर्वे को पूरा कर लेगा। यह रेलवे लाइन 141 किमी लंबी होगी।
