टेनेंसी एग्रीमेंट से लेकर सिक्युरिटी अमाउंट तक... मकान किराए पर ले रहे हैं तो जान लें ये नियम
Updated on
23-09-2023 04:42 PM
नई दिल्ली, अभिषेक सिंह : मकान खरीदते या किराए पर लेते समय लेन-देन बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए जरूरी है कि आप कोई कदम उठाने से पहले चीजों को अच्छे से समझ लें। इसे करते समय लीगल आस्पेक्ट को पूरा किया जाना चाहिए और अन्य पॉइंट्स की भी सावधानीपूर्वक जांच की जानी चाहिए,ताकि आपका सफर आनंददायक रहे। कई लोगों को मुंबई में किराए के मकान में रहना पड़ता है। मुंबई में घर किराए पर लेना न केवल अन्य शहरों की तुलना में अधिक महंगा है, बल्कि इसके साथ कई समस्याएं और डिसप्यूट भी आते हैं। इसलिए मकान मालिकों के साथ-साथ किराएदारों को भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। दोनों को ही कानूनी तौर पर उन जानकारियों को रखना जरूरी है, जिससे विवाद की स्थिति सामने न आने पाए।
क्या होता है रेंट एग्रीमेंट
किराया समझौता या रेंट एग्रीमेंट एक औपचारिक दस्तावेज होता है, जिस पर मकान मालिक तथा किरायेदार के बीच परस्पर सहमति से हस्ताक्षर किए जाते हैं। रेंट एग्रीमेंट के फॉर्मेट में तय किराया, अग्रिम भुगतान, मकान मालिक द्वारा तय किये गए नियम व शर्तें, प्रॉपर्टी का सटीक आकार व लोकेशन, इस्तेमाल तथा दोनों पक्षों के अन्य विवरण होते हैं।
लीगल टेनेंसी एग्रीमेंट
किराये पर प्रॉपर्टी लेने या देने की बात हो तो टेनेंसी एग्रीमेंट एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। इसमें किराए और किराए पर लिए जाने वाले घर या प्रॉपर्टी से संबंधित सभी टर्म्स और कन्डीशंस शामिल हैं। टेनेंसी एग्रीमेंट की शर्तों का पालन करने के लिए किरायेदार और मकान मालिक दोनों कानून द्वारा बाध्य हैं। टेनेंसी एग्रीमेंट लिखित में होना बहुत जरूरी है। किरायेदार द्वारा प्रस्तुत डॉक्युमेंट्स की एक कॉपी मकान मालिक द्वारा रखी जाती है। एक लिखित टेनेंसी एग्रीमेंट में बड़े और छोटे सभी टर्म्स और कन्डीशंस शामिल होनी चाहिए। किराए की डेफिनेशन स्पष्ट होनी चाहिए। एक से अधिक अर्थ या गलतफहमी के लिए जगह नहीं होनी चाहिए। टेनेंसी एग्रीमेंट में किरायेदार की पूरी जानकारी और स्थायी पता आदि शामिल होना चाहिए। यदि कोई लीगल डिसप्यूट पैदा होता है, तो यह एग्रीमेंट दोनों पक्षों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
रिन्यूअल है जरूरी
यदि टेनेंसी एग्रीमेंट समाप्त हो गया है या समाप्त होने वाला है, तो इसका रीन्यूअल करें या खाली करने के लिए एक महीने का नोटिस दें। इस प्रोविजन का उल्लेख टेनेंसी एग्रीमेंट में किया जाना चाहिए। इसे शामिल करने के बाद ही किरायेदार के रूप में एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करें। मकान मालिक किरायेदार को बिना नोटिस दिए अचानक घर खाली करने या बिजली, पानी आदि जैसी आवश्यक सुविधाएं बंद करने के लिए नहीं कह सकता है। हर बार टेनेंसी एग्रीमेंट को रिन्यू करते समय, किरायेदार को अपने कार्यस्थल, पते और स्थायी पते दोनों का प्रमाण देना होता है। उसी से देखा जा सकता है कि उनकी रोजगार की स्थिति क्या है। साथ ही यदि उसमें कोई डिफरेंस है तो उसे भी जाना जा सकता है।
लोकल पुलिस रजिस्ट्रेशन कराया है या नहीं
टेनेंसी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने के बाद इसे लोकल पुलिस स्टेशन में रजिस्टर्ड करना आवश्यक है। आज सभी हाउसिंग सोसाइटीज ने इस टर्म्स को कंपलसरी कर दिया है। इस रजिस्ट्रेशन के लिए भरे जाने वाले अप्लीकेशन लेटर में किरायेदार का परमानेंट एड्रेस, कान्टैक्ट नंबर, रीलेटेड व्यक्तियों का फोन नंबर जैसी जानकारी होती है। इस जानकारी के आधार पर या तो किराएदार की पहचान पक्की हो जाती है और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी डिसप्यूट की स्थिति में पुलिस के लिए हस्तक्षेप करना आसान हो जाता है। पुलिस रजिस्टर्ड टेनेंसी एग्रीमेंट की एक कॉपी किरायेदारों के लिए प्रेजेंट रेसिडेंस का प्रूफ प्रदान करने के लिए उपयोगी है।
विविध चार्जेस
लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और हाउसिंग सोसाइटी किसी भी प्रॉपर्टी पर विभिन्न प्रकार के चार्जेस और टैक्स लगाते हैं। स्पष्ट करें कि जिस पीरियड में आप मकान किराए पर दे रहे हैं उस पीरियड के दौरान इन चार्जेस और टैक्सेस का पेमेंट कौन करेगा। आम तौर पर, यह टैक्स मकान मालिक द्वारा पे किया जाता है। किरायेदार केवल किराया देता है। घर के बिजली बिल का पेमेंट करना किरायेदार की जिम्मेदारी है।
सिक्युरिटी अमाउन्ट
किराए पर घर खरीदते वक्त आपको डिपॉजिट देना होता है। टेनेंसी एग्रीमेंट के अंत में सिक्युरिटी डिपॉजिट किरायेदार को वापस कर दी जाती है। टेनेंसी एग्रीमेंट में सिक्युरिटी डिपॉजिट का स्पष्ट उल्लेख करें। आम तौर पर, यदि टेनेंसी एग्रीमेंट की समाप्ति के सात दिनों के भीतर मकान मालिक द्वारा सिक्युरिटी डिपॉजिट वापस कर दी जाती है, तो कोई इंटेरेस्ट नहीं लिया जाता है। लेकिन अगर देरी सात दिनों से अधिक है, तो इंटेरेस्ट प्रतिदिन लगाया जाता है।
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