गोरख पीठाधीश्वर आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन 15 तारीख को कलश स्थापना के साथ इसकी शुरुआत की थी।अष्टमी के अनुष्ठान के बाद आज महानवमी के दिन मंदिर परिसर में मां सिद्धिदात्री की पूजन अर्चना के बाद उन्होंने कन्याओं के पांव पखारे।
नाथ संप्रदाय के परंपरा के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कन्याओं के साथ ही बटुक देव का भी पूजन किया। साथ ही उन्हें उपहार दिया।
कन्याओं और बटुक देव का पांव पखार आशीर्वाद लेने के बाद योगी ने सबको पांत में बैठाकर भोजन भी कराया। उन्होंने खुद बच्चों को भोजन परोसकर खिलाया।
सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर के प्रथम तल पर स्थित भोजन कक्ष में पीतल के परात में चांदी के लोटे से भरे जल से कन्याओं के बारी-बारी से पांव धोए। उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत और दुर्वा का तिलक लगाया।