मुस्लिम बहुल यूएई के अबू धाबी में बना भव्य हिन्दू मंदिर, महंत स्वामी महाराज का सपना साकार, जानें कौन हैं
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14-02-2024 01:15 PM
अबू धाबी: नरेंद्र मोदी अबूधाबी में बुधवार को अबू मुरीखाह में स्थित मंदिर का उद्घाटन करेंगे। इस मंदिर का निर्माण करीब 27 एकड़ क्षेत्र में किया गया है। यूएई में इस मंदिर का निर्माण बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था यानी बीएपीएस ने करवाया है। मुस्लिम बाहुल्य देश में बने इस मंदिर के साथ ही महंत स्वामी महाराज का भी नाम बार-बार आ रहा है। बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के आध्यात्मिक गुरु महंत स्वामी महाराज ही मंदिर का अभिषेक करेंगे।
स्वामी केशवजीवनदासजी के नाम से भी पहचान रखने वाले महंत स्वामी महाराज इस समय बीएपीएस के छठें आध्यात्मिक गुरु के पद पर हैं। 1933 में मध्य प्रदेश के जबलपुर में जन्मे महंत स्वामी महाराज स्नातक हैं। छात्र जीवन के दौरान ही 1951-52 में वह महंत स्वामी महाराज बीएपीएस संस्था के ब्रह्मस्वरूप शास्त्रीजी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी योगीजी महाराज के संपर्क में आए और उनके साथ यात्रा करना शुरू कर दिया। 1957 में योगीजी महाराज ने उन्हें पार्षद दीक्षा दी और उनका नाम वीनू भगत रख दिया। 1961 में गढ़दा में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के कलश महोत्सव के दौरान योगीजी महाराज ने उनका नाम वीनू भगत से स्वामी केशवजीवनदास रख। साथ ही उनको दादर मंदिर के महंत के रूप में नियुक्त किया।
1971 से कर रहे देश-विदेश की यात्राएं
साल 1971 में योगीजी महाराज के निधन के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह से प्रमुख स्वामी महाराज के प्रति समर्पित कर दिया। 1971 से महंत स्वामी भारत और विदेशों में यात्रा कर रहे हैं। जुलाई 2012 को अहमदाबाद में वरिष्ठ साधुओं की उपस्थिति में स्वामी महाराज ने महंत स्वामी को अपना आध्यात्मिक उत्तराधिकारी घोषित किया। 13 अगस्त 2016 को प्रमुख स्वामी महाराज के निधन के बाद महंत स्वामी ने भगवान स्वामीनारायण की 'गुणातीत परंपरा' परंपरा में छठे गुरु की भूमिका में आ गए। इस समय महंत स्वामी महाराज भक्तों के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं और बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था की वैश्विक सामाजिक-आध्यात्मिक गतिविधियों की देखरेख करते हैं। ये संस्था दुनियाभर में मंदिरों का निर्माण कर रही है। बीते कई साल से वह अबू धाबी में मंदिर बनाने का सपना संजोए थे, जो आखिरकार सच हुआ है।
साल 1971 में योगीजी महाराज के निधन के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह से प्रमुख स्वामी महाराज के प्रति समर्पित कर दिया। 1971 से महंत स्वामी भारत और विदेशों में यात्रा कर रहे हैं। जुलाई 2012 को अहमदाबाद में वरिष्ठ साधुओं की उपस्थिति में स्वामी महाराज ने महंत स्वामी को अपना आध्यात्मिक उत्तराधिकारी घोषित किया। 13 अगस्त 2016 को प्रमुख स्वामी महाराज के निधन के बाद महंत स्वामी ने भगवान स्वामीनारायण की 'गुणातीत परंपरा' परंपरा में छठे गुरु की भूमिका में आ गए। इस समय महंत स्वामी महाराज भक्तों के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं और बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था की वैश्विक सामाजिक-आध्यात्मिक गतिविधियों की देखरेख करते हैं। ये संस्था दुनियाभर में मंदिरों का निर्माण कर रही है। बीते कई साल से वह अबू धाबी में मंदिर बनाने का सपना संजोए थे, जो आखिरकार सच हुआ है।
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