इजरायल युद्ध का गुजरात कनेक्शन, हमास को जवाब देने वाली जूनागढ़ की दो लड़कियों के बारे में जानिए
Updated on
12-10-2023 01:56 PM
तेल अवीव: सात अक्टूबर को जब से हमास ने इजरायल पर हमला किया तब से ही इजरायली सेनाएं आक्रामक हैं। गाजा पर इजरायल और फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के बीच जंग जारी है। अब तक दोनों तरफ मिलाकर करीब तीन हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इस भीषण जंग के बीच गुजराती मूल की दो लड़कियां भी सुर्खियों में बनी हुई हैं। इन दोनों लड़कियों ने भी हमास के खिलाफ हथियार उठाए थे। ये दोनों लड़कियां जूनागढ़ से ताल्लुक रखती हैं और अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
इजरायल के खिलाफ कर्तव्यों का पालन इन दोनों लड़कियों के पिता जीवाभाई मुलियासिया और सवदासभाई मुलियासिया जूनागढ़ के मनावदार तालुका के कोठाडी गांव के रहने वाले हैं। दोनों कई साल पहले पहले इजरायल चले गए थे और उन्होंने इजरायली नागरिकता हासिल कर ली थी। मुलियासियास वर्षों से इजरायल में बसे हुए हैं। उनकी मानें तो बेटियों ने इजरायली रक्षा बलों में अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सेवा की। देश गुजरात की एक रिपोर्ट के मुताबिक जीवाभाई मुलियासिया, जो दो चचेरे भाइयों में से एक, नित्शा के पिता हैं। उन्होंने बताया कि नित्शा 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिकों के लिए इजरायल की कंप्लसरी मिलिट्री सर्विस के तहत ही इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) में शामिल हो गई।
फिलहाल विदेश में हैं नित्शा मुलियासिया ने यह भी बताया कि इजरायल की शिक्षा प्रणाली बच्चों में नेतृत्व गुणों को बढ़ावा देती है। नित्शा पिछले दो सालों से लेबनान, सीरिया, जॉर्डन और मिस्र की सीमाओं पर तैनात रह चुकी हैं। वह गश डेन में भी तैनात थी। यह वह जगह है जहां से इजरायल की सेना ने साल 2021 में गाजा में हमास पर हमला किया था। फिलहाल वो दोनों विदेश में हैं और इस युद्ध का हिस्सा नहीं है। इजरायल बड़ी संख्या में गुजरातियों का घर है। ये गुजराती व्यापार, शिक्षा और रोजगार जैसी कई वजहों से देश में आते हैं। इजरा;ल में, एक नियम है जिसके तहत पुरुषों और महिलाओं दोनों को कम से कम 24 से 32 महीने तक आईडीएफ में सेवा करना अनिवार्य होता है। गुजरात के कोठडी गांव के कई लोग 30 से 35 सालों से इजरायल में रह रहे हैं। ये सभी इस समय सुरक्षित हैं।
दिन पर दिन गंभीर होती जंग इजरायल और हमास की जंग अब गंभीर होती जा रही है। इजरायल की सेनाओं ने अब लेबनान सीमा के दोनों तरफ फ्लेयर बम तैनात कर दिए हैं। ये पश्चिम में मेस अल-जबल से लेकर पूर्व में शेबा हाइट्स और कफरचौबा तक फैले हुए हैं। मशीनगन ने खियाम शहर के पश्चिमी किनारे पर स्थित हमामेस हिल के साथ-साथ हुला और मेस अल-जबल के गांवों को जोड़ने वाली सड़क को निशाना बनाया। लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह की तरफ से भी अब हमले होने लगे हैं।
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