कैपिटल गेंस पर फायदा सीमा के साथ
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस की स्थिति में अगर नए घर में निवेश कर दिया जाए तो सेक्शन 54 F के तहत इनकम टैक्स में छूट मिलती है। नए घर में निवेश आप अपनी प्रॉपर्टी बेचने की तारीख से एक साल पहले या दो साल बाद तक कर सकते हैं। इसके अलावा तीन साल तक प्रॉपर्टी निर्माण भी किया जा सकता है। इस छूट को लेने के लिए अब 10 करोड़ रुपये की सीमा बांध दी गई है। इसका मतलब है कि अगर नया घर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत का है तो सिर्फ 10 करोड़ रुपये तक के निवेश को ही सेक्शन 54 F की छूट के लिए माना जाएगा। उससे ज्यादा की रकम के लिए कैपिटल गेंस टैक्स देना ही होगा। इसका असर हाईएंड प्रॉपर्टी पर ही पड़ेगा। सामान्य प्रॉपर्टी पर इसका असर नहीं होगा।
गोल्ड पर यह आई व्यवस्था
इसके अलावा यह व्यवस्था भी की गई है कि इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट से गोल्ड में और गोल्ड से इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट में अदल-बदल करने पर कोई कैपिटल गेंस टैक्स नहीं लगेगा। कैपिटल गेंस मकसद के लिए दोनों परिस्थतियों का समय जोड़कर होल्डिंग पीरियड माना जाएगा। ऐसा करने से सामान्य निवेशक अपना पैसा गोल्ड या इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट के रूप में रखने में राहत महसूस करेंगे। इसके अलावा जो लोग सोने की जमाखोरी कर रहे होते हैं, वे भी इससे बचेंगे।
