चीन के लिए बाहर निकलना होगा मुश्किल
दक्षिण चीन सागर में अमेरिका की जबरदस्त घेराबंदी से चीन के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। चीन का सिर्फ पूर्वी क्षेत्र ही समुद्र से सटा हुआ है। अगर इस भाग को ब्लॉक कर दिया जाए तो चीन के लिए व्यापार करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, इस काम में सीधे तौर पर युद्ध का खतरा है। चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश है। इतना ही नहीं, चीन मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में भी दुनिया में सबसे आगे है। ऐसे में वह व्यापार के लिए पूरी तरह से समुद्री परिवहन पर निर्भर है। अगर दक्षिण चीन सागर की घेराबंदी बढ़ती है तो इसका सीधा असर चीनी अर्थव्यस्था पर पड़ेगा।
पटलवार कर सकता है चीन
चीन के पास इस समय सबसे बड़ी नौसैना है। ऐसे में वह अमेरिकी घेराबंदी का मुकाबला करने के लिए ताकत का प्रयोग कर सकता है। इसके अलावा दक्षिण चीन सागर में कृत्रिम द्वीपों पर चीन ने बड़ा मिलिट्री बेस बनाया हुआ है। यहां कई अत्याधुनिक रडार सिस्टम के साथ एंटी शिप और एयर डिफेंस मिसाइलों को भी तैनात किया हुआ है। चीनी मीडिया पहले ही अमेरिका को जवाबी कार्रवाई को लेकर धमका चुकी हैं। ताइवान को लेकर तो चीन अक्सर अमेरिका समेत सहयोगी देशों को जंग की धमकी देता रहा है।
