गाजा में अगर नहीं रुका युद्ध तो होगा बड़ा धमाका...ईरान के विदेश मंत्री ने दी इजरायल और अमेरिका को चेतावनी
Updated on
12-12-2023 01:04 PM
तेहरान: ईरान की तरफ से इजरायल को ताजा धमकी दी गई है। ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीराब्दुल्लाहियन ने सोमवार को कहा कि अगर गाजा में युद्ध नहीं रुका तो फिर यह क्षेत्र में फैल जाएगा। उनका कहना था कि यह एक विस्फोट की स्थिति होगी जिसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाएगा। दोहा फोरम में बोलते हुए उन्होंने बताया कि संघर्ष का दायरा पहले ही लेबनान और यमन को शामिल करने के लिए विस्तारित हो चुका है। सीएनएन के जर्नलिस्ट से बातचीत करते समय उन्होंने यह बात कही है। सात अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल पर हुए हमले के बाद से ही गाजा में इजरायली सेना के हमले जारी हैं। अब तक गाजा में 17 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
इसलिए अमेरिकी सैनिक बन रहे निशाना सीएनएन के बेकी एंडरसन की तरफ से एक इंटरव्यू में होसैन अमीराब्दुल्लाहियन ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'किसी भी समय क्षेत्र में एक बड़े विस्फोट की संभावना है, जिसे किसी भी पार्टी द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता है।' विदेश मंत्री ने इराक और सीरिया में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों, लाल सागर में जहाजों पर हूतियों के हमलों और इजरायल की उत्तरी सीमा पर हिंसा के उा सबूत के तौर पर बताया कि क्षेत्रीय हिंसा गाजा सीमा से परे फैल गई है। उन्होंने आगे कहा, 'कम से कम हर हफ्ते, हमें अमेरिका से एक संदेश मिलता है। इसमें बताया जाता है कि सीरिया और इराक में अमेरिकी ठिकानों को कुछ समूहों की तरफ से निशाना बनाया गया है। ये समूह गाजा के अरब और मुस्लिम लोगों की रक्षा कर रहे हैं। इसीलिए वे सीरिया और इराक में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।'
हमास को हरा नहीं सकता इजरायल अमीरबदोल्लाहियान का कहना है कि इजरायल भले ही अगले 10 सालों तक लड़ता रहे, हमास को नहीं हरा सकता। उन्होंने इजरायल को अमेरिका का एक क्षेत्रीय प्रॉक्सी बताया और कहा कि इसे कभी एक देश के तौर पर नहीं माना जा सकता है। उनका कहना था कि फिलिस्तीनी संगठन हमास कई सालों तक लड़ने के लिए तैयार है। उसके पास इतनी क्षमता है कि वो हथियारों का उत्पादन कर सकता है और इन्हें खरीद सकता है। ईरान ने सात अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल में हमास की घुसपैठ का समर्थन किया है। उस हमले में हमास के आतंकियों ने 1200 लोगों को मार डाला था और 200 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था।
इजरायल का साथ न देने की अपील ईरान के विदेश मंत्री का कहना था कि सात अक्टूबर को हुआ हमला 75 साल पहले इजरायल के निर्माण का नतीजा था। उनका कहना था कि इजरायल ने फिलिस्तीन की सीमाओं के अंदर के हिस्से की जमीन पर भी कब्जा कर लिया है। उनके शब्दों में, 'हम इजरायल को एक देश के तौर पर मान्यता नहीं देते हैं। यह सिर्फ 75 सालों से एक कब्जा करने वाली शक्ति के तौर पर ही कायम है।' अमीरबदोल्लाहियन ने अमेरिका से इजरायल के लिए अपने बिना शर्त और अटूट समर्थन को छोड़ने की अपील भी की है।
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