अमेरिकी दूत रहे खलीजाद इमरान के साथ
इससे पहले अमेरिकी मीडिया ने खुफिया दस्तावेजों के आधार पर खुलासा किया था कि पाकिस्तान अब चीन की ओर बढ़ेगा। खुद पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खर ने शहबाज शरीफ के साथ मुलाकात में अमेरिका की बजाय चीन के साथ बढ़ने पर जोर दिया था। इन्हीं वजहों से कई विश्लेषक इमरान खान की गिरफ्तारी को चीन के साथ जोड़कर देख रहे हैं। इस बीच अफगानिस्तान में अमेरिका के दूत रह चुके जल्मे खलीलजाद ने खुलकर इमरान खान का समर्थन किया है। यही नहीं अमेरिका के विदेश मंत्री ने भी मांग की है कि संविधान के मुताबिक पाकिस्तान में कार्रवाई होनी चाहिए।
