अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान ने किए ड्रोन हमले, 24 सैनिक घायल, इजरायल-हमास जंग के बीच बनाया निशाना
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25-10-2023 02:16 PM
वॉशिंगटन: पिछले हफ्ते ईराक और सीरिया में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर एक के बाद एक कई हमले हुए हैं। इन हमलों में दो दर्जन अमेरिकी सैनिक घायल हो गए हैं। एनबीसी न्यूज की तरफ से अमेरिकी सेंट्रल कमांड के हवाले से यह जानकारी दी गई है। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने भी इन हमलों की पुष्टि की है। लेकिन इसमें घायल अमेरिकी सैनिकों की संख्या का खुलासा नहीं किया गया है। इसे इजरायल-हमास की जंग के बीच एक बड़ा घटनाक्रम करार दिया जा रहा है। हालांकि पिछले हफ्ते जब ऐसे हमलों की खबरें आई थीं तो अमेरिका की तरफ से चुप्पी साध ली गई थी।
18 अक्टूबर को हुए हमले अमेरिकी सेंट्रल कमांड की तरफ से कहा गया है कि 18 अक्टूबर को दक्षिणी सीरिया के अल-तन्फ मिलिट्री बेस पर कम से दो एकतरफा हमले हुए थे। इस हमले में 20 अमेरिकी सैनिकों को हल्की चोट आई हैं। एक ड्रोन को गिरा दिया गया था। सभी घायल अमेरिकी सैनिक अब ड्यूटी पर वापस लौट चुके हैं। सेंट्रल कमांड की मानें तो हमलों में किसी और सैन्य संस्थान या फिर अड्डे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इसी दिन अमेरिका और गठबंधन बलों को निशाना बनाकर दो अलग-अलग ड्रोन हमले हुए। इनमें चार अमेरिकी सैनिकों को हल्की चोटें आई हैं। सेंट्रल कमांड ने बताया कि ये हमले पश्चिमी इराक के अल असद बेस पर हुए थे। सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिका ने एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन को मार गिराया गया लेकिन एक के मलबे ने हैंगर को नुकसान पहुंचाया है। इस हैंगर पर छोटे विमान मौजूद थे।
एक तरफा हमलों में घायल सैनिक एक अमेरिकी नागरिक की हार्ट अटैक की वजह से मौत हो गई है। यह नागरिक शेल्टर में मौजूद था। हालांकि यह मौत ड्रोन हमलों के दौरान नहीं हुई है। अमेरिकी सैनिकों पर ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब इजरायल हमास के बीच जंग जारी है और इसकी वजह से क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है। पेंटागन के प्रेस सचिव ब्रिगेडियर पैट राइडर ने मंगलवार को कहा कि पिछले सप्ताह में अमेरिकी और गठबंधन बलों पर इराक में कम से कम 10 अलग-अलग बार और सीरिया में तीन अलग-अलग बार एकतरफा हमले वाले ड्रोन और रॉकेट अटैक हुए हैं।
ईरान की मदद से हुए हमले राइडर ने कहा कि हमले करने वाले समूहों को ईरान और उसके इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का समर्थन प्राप्त है। राइडर के शब्दों में, 'ईरानी प्रॉक्सी बलों और ईरान की तरफ से आने वाले समय में अमेरिकी बलों और सैनिकों के खिलाफ हमलों में तेजी से इजाफा होने की आशंका है।' राइडर की मानें तो अमेरिका हमेशा अपनी रक्षा करने का अधिकार सुरक्षित रखता है। साथ ही अपनी सेनाओं और विदेशों में अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने से कभी नहीं हिचकिचाएगा।
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