क्या वाकई भारत के चंद्रयान 3 का मजाक उड़ा रहे हैं पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी, या माजरा कुछ और
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19-07-2023 01:23 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व विज्ञान और तकनीकी मंत्री रहे फवाद चौधरी अक्सर खबरों में रहते हैं। एक बार फिर वह अपने एक वीडियो की वजह से भारत में छाए हुए हैं। इस बार फवाद को जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें उन्हें भारत के चंद्रयान-3 चंद्रमा मिशन का मजाक उड़ाते हुए दिखाया गया है। हालांकि सच्चाई इससे अलग है। दरअसल यह वीडियो वास्तव में चार साल पहले का है और वह उस समय चांद देखने पर चर्चा कर रहे थे। फवाद ने ट्वीट कर भारत को चंद्रयान 3 के लिए बधाई दी थी। यह बात अलग है कि उनके ट्वीट से ज्यादा वीडियो पर चर्चा होने लगी।
ईद पर कर रहे थे चर्चा कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि फवाद चौधरी ने हाल ही में एक न्यूज शो में चंद्रयान अंतरिक्ष मिशन के बारे में एक सवाल के जवाब में भारत का मजाक उड़ाया गया था। फवाद का जो वीडियो वायरल होने लगा उसमें उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, 'इतनी बड़ी लंबाई तक जाने की कोई जरूरत नहीं है।' इस बात से उनका मतलब था कि पाकिस्तान को इतनी बड़ी कोशिशों को अंजाम देने की जरूरत नहीं है। फवाद चौधरी का यह वीडियो 26 मई, 2019 का है और उस समय पाकिस्तान के विज्ञान और तकनीकी मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। टीवी शो के दौरान, उन्होंने ईद की तारीख की अनौपचारिक घोषणा पर चर्चा करते हुए, रमजान और ईद के चांद के दिखने से जुड़े विवादों पर बात की थी।
2022 के लिए बताया था सपना वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि फवाद, चांद देखने पर चर्चा कर रहे हैं। वीडियो पूरा देखने पर पता लगता है कि वह चंद्रयान-3 नहीं बल्कि चंद्रयान-2 मिशन के बारे में बात कर रहे हैं। फवाद चौधरी ने 2019 में ही कहा था कि देश 2022 में अपना पहला मानव मिशन भेजेगा। फवाद के इंटरव्यू की जो वीडियो क्लिप वायरल हुई है, उसमें उन्हें चंद्रमा के दर्शन और इसरो की तरफ से संचालित भारत के अंतरिक्ष मिशन से जुड़ा एक सवाल पूछा जाता है। वह इसी सवाल के जवाब में कहते हैं, 'इतने पापड़ बेलने की जरूरत नहीं है।' भारत के चंद्रयान 3 के सफल प्रक्षेपण के बाद यह वीडियो वायरल हो गया।
भारत हासिल करेगा उपलब्धि 14 जुलाई को, इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान 3 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इसका मकसद चंद्रमा के अज्ञात दक्षिणी ध्रुव पर एक सॉफ्ट लैंडिंग करना है। अगर यह सफल रहता है तो फिर भारत एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल कर सकेगा। अब तक सिर्फ तीन देश-अमेरिका, चीन और रूस ही चंद्रमा की सतह पर उतरने में कामयाब रहे हैं। अंतरिक्ष यान के लिए पृथ्वी से चंद्रमा तक की यात्रा में लगभग एक महीने का समय लगने का अनुमान है, और लैंडिंग 23 अगस्त को होने की उम्मीद है।
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