महाराष्ट्र के पुणे में शुक्रवार (9 फरवरी) की रात भाजपा कार्यकर्ताओं ने पत्रकार निखिल वागले की गाड़ी पर हमला किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भाजपा के लोगों ने वागले की कार के शीशे तोड़ दिए और स्याही फेंकी।
पुणे पुलिस के मुताबिक, 64 साल के निखिल वागले की गाड़ी पर हमला तब हुआ, जब वे सिंघड़ रोड इलाके में निर्भय बानो कार्यक्रम में जा रहे थे। राष्ट्र सेवा दल ने इस कार्यक्रम का आयोजित किया था। कार में वागले के अलावा और दो लोग मौजूद थे।
खंडोजी बाबा चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने वागले की कार को घेर लिया और उसमें तोड़फोड़ की। इस हमले में कार की विंडस्क्रीन और साइड पैनल क्षतिग्रस्त हो गए। आक्रोशित कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच पुलिस की कड़ी सुरक्षा में वागले कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।
वागले ने PM मोदी-आडवाणी पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
निखिल वागले महाराष्ट्र के अखबार 'महानगर' के ऐडिटर रह चुके हैं। उन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा के बाद पीएम मोदी और आडवाणी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपमानजनक टिप्पणी की थी।
इसको लेकर भाजपा नेता सुनील देवधर ने मंगलवार (6 फरवरी) को वागले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शुक्रवार को पुणे में भी वागले के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। साथ ही निर्भय बानो कार्यक्रम रद्द करने की मांग की थी, जहां जाने के दौरान वागले की कार पर हमला हुआ।
वागले बोले- मुझ पर सातवीं बार हमला हुआ
कार पर हमले के बाद वागले कार्यक्रम में पहुंचे और कहा- जिन्होंने भी मुझ पर हमला किया, मैं उन्हें माफ करता हूं। यह मुझ पर सातवां हमला था। इससे पहले छह बार अटैक हो चुके हैं।
इससे पहले मोदी-आडवाणी को लेकर अपनी टिप्पणी पर उन्होंने 6 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था- मेरे ट्वीट से मोदी-आडवाणी डर गए। मैं अपने ट्वीट पर कायम हूं। अगर मुझे जेल भी जाना पड़े तो मैं तैयार हूं।