ब्रिटिश सरकार की रिपोर्ट में खालिस्तान के खतरे का जिक्र, सुनक सरकार के लिए चेतावनी
Updated on
27-04-2023 07:25 PM
लंदन: ब्रिटिश सरकार के एक प्रमुख स्वतंत्र समीक्षा आयोग ने कुछ खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ताओं की ‘‘विध्वंसक, आक्रामक और सांप्रदायिक’’ कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि ऐसे समूहों की ब्रिटेन की संसद तक पहुंच न हो सके।‘इंडिपेंडेंट फेथ एंगेजमेंट एडवाइजर’ कोलिन ब्लूम की ‘डज गवर्नमेंट ‘डू गॉड’?: एन इंडिपेंडेंट रिव्यू इन टू हाउ गवर्नमेंट एंगेजेज विद फेथ’ शीर्षक वाली समीक्षा रिपोर्ट को व्यापक सार्वजनिक विमर्शों में से एक बताया गया है जिसमें 21,000 से अधिक लोगों की प्रतिक्रियाएं शामिल हैं। खास बात है कि इस रिपोर्ट को पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन की देखरेख में तैयार किया गया है।
ब्रिटिश समुदाय भी चिंतित रिपोर्ट में ‘सिख एक्स्ट्रेमिज्म’ नामक एक खंड में विस्तार से बताया गया है कि एक छोटे लेकिन बेहद मुखर समूह के विध्वसंक खालिस्तान समर्थक विमर्श को आगे बढ़ाने के लिए सिख धर्म को ‘‘हाइजेक’’ करने को लेकर ब्रिटिश सिख समुदाय के सदस्यों ने अपनी चिंता जताई है। समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ब्रिटिश सिखों का एक छोटा, बेहद मुखर और आक्रामक अल्पसंख्यक समूह है, जिसे खालिस्तान समर्थक चरमपंथी के रूप में वर्णित किया जा सकता है, जो एक जातीय-राष्ट्रवादी एजेंडे को बढ़ावा दे रहा है।’’
सरकार को करनी होगी पहचान इसमें कहा गया है, ‘‘इनमें से कुछ चरमपंथियों को उस खालिस्तान को स्थापित करने की अपनी महत्वाकांक्षा में हिंसा का समर्थन करने और लोगों को उकसाने के लिए जाना जाता है। इसकी भौतिक सीमाएं बड़े पैमाने पर भारत में पंजाब राज्य के विशिष्ट भागों के साथ साझा की जाती हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस क्षेत्रीय दावे में पाकिस्तान में स्थित पंजाब का हिस्सा शामिल नहीं है। यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि इन चरमपंथियों की प्रेरणा आस्था पर आधारित है या नहीं।’’समीक्षा रिपोर्ट में यह कहा गया है कि सरकार को यह पहचान करनी चाहिए कि ब्रिटिश सिख समुदाय के भीतर चरमपंथी गतिविधि कहां मौजूद है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी गतिविधियों को खत्म किया जाये।
सरकार को करने होंगे दोगुने प्रयास सिख चरमपंथ के बारे में चेतावनियों के अलावा, 159 पृष्ठों की रिपोर्ट में धार्मिक अतिवाद के अन्य रूपों को शामिल किया गया है। इसमें कहा गया है कि ‘‘कुछ ब्रिटिश हिंदुओं ने ब्रिटेन की राजनीति में हिंदू राष्ट्रवादी भागीदारी पर निराशा व्यक्त की है, जो ब्रिटेन में भारतीय समुदायों के बीच विभाजन पैदा कर सकता है।’’इस्लामी चरमपंथ पर रिपोर्ट में ब्रिटिश सरकार से अपील की गई है कि वह चरमपंथी इस्लामवाद तथा इस्लाम और इस्लामी चरमपंथियों तथा मुसलमानों के बीच अंतर को रेखांकित करने के लिए दोगुने प्रयास करे।
बीजिंग: चीन पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारतीय विमानों को लेकर प्रोपेगैंडा फैला रहा है। चीनी मीडिया पिछले एक सवा साल से लगातार अपने रक्षा उपकरणों जैसे…
इस्लामाबाद: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि कश्मीर मुद्दे से जुड़े किसी विवाद पर बात होगी तो वह पाकिस्तान के…
लंदन: स्वीडन की एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने दिल्ली में मजबूती से विरोध प्रदर्शन करने के लिए भारतीय छात्रों की तारीफ की है। लंदन के ट्रैफलगर स्क्वायर पर एसएफआई की रैली…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) पिछले 1 महीने से ज्यादा समय से उबल रहा है। इलाके में पाकिस्तानी शासन के शोषण और दमन के खिलाफ बड़े पैमाने पर…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में मौलाना फजलुर रहमान के विरोध से घबराई पाकिस्तानी सेना भारत के दुश्मन आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से खुलेआम हाथ मिला रही है। हाल ही में राजधानी इस्लामाबाद में…
न्यूयॉर्क: सिंधु जल संधि पर दुनिया में ढिंढोरा पीटने वाले पाकिस्तान को भारत ने दुनिया के सबसे बड़े मंच संयुक्त राष्ट्र से दो टूक जवाब दिया है। यूएन में भारत…