मिसाइल से हमला या बम धमाका... कैसे क्रैश हुआ वैगनर बॉस प्रिगोझिन का प्लेन, चश्मदीदों ने क्या कहा
Updated on
24-08-2023 01:02 PM
मॉस्को: वैगनर समूह के बॉस येवगेनी प्रिगोझिन की मौत के बाद से बवाल मचा हुआ है। प्रिगोझिन की मौत एक विमान दुर्घटना में हुई है। दावा किया जा रहा है कि प्रिगोझिन की मौत के पीछे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का हाथ है। पुतिन जून में हुए वैगनर विद्रोह के बाद से ही येवगेनी प्रिगोझिन से नाराज थे। इसके बाद से वैगनर चीफ देश-विदेश में भागता फिर रहा था। हादसे के वक्त प्रिगोझिन अपने सात सबसे वफादार साथियों के साथ मॉस्को से सेंट पीटर्सबर्ग जा रहा था। इस दौरान रास्ते में उसके विमान में विस्फोट हो गया। आसमान में आग का गोला बन चुका प्रिगोझिन का विमान देखते ही देखते जमीन पर आ गिरा। इस दुर्घटना में चालक दल के तीन सदस्यों के साथ कुल 10 लोगों की मौत हुई है, जिसमें प्रिगोझिन भी शामिल है।
विमान पर रूसी सेना के मिसाइल हमले का दावा
प्रिगोझिन की मौत के बाद उसके विमान दुर्घटना के कारणों को लेकर बहस की जा रही है। प्रिगोझिन की वैगनर से जुड़े टेलीग्राम चैनल ग्रे जोन ने पहले बिना सबूत दिए दावा किया कि इस विमान को रूसी सेना ने मार गिराया है। वहीं, दूसरे सूत्रों का कहना है कि प्रिगोझिन के विमान में वाइन कैरेट में बम छिपाकर रखा गया था। उसी में हुए धमाके से विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अभी तक दोनों दावों में से किसी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच रूसी रूसी संघीय विमानन एजेंसी रोसावियात्सिया ने दुर्घटना के कारणों का आपराधिक जांच शुरू कर दी है। इसमें विमान में तकनीकी खराबी को लेकर भी जांच की जाएगी।
वाइन कैरेट में बम छिपाकर रखने की अफवाह
ब्रिटिश मीडिया द सन ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि मॉस्को से उड़ान भरने के पहले प्रिगोझिन के विमान में एक महंगी वाइन की खेप लादी गई थी। हो सकता है कि बम इसी वाइन के कैरेट में छिपाकर रखा गया हो। जमीन पर मौजूद स्थानीय लोगों ने दावा किया कि उन्होंने प्रिगोझिन के विमान को आसमान से गिरते हुए देखने से पहले दो बड़े विस्फोट सुने थे। ऐसा कहा जाता है कि दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले जेट ने अफ्रीका से मॉस्को के लिए उड़ान भरी थी। मॉस्को में थोड़ी देर रुकने के बाद विमान सेंट पीटर्सबर्ग के लिए रवाना हुआ था। इस दौरान उत्तरी रूस के व्लदाई में वैगनर चीफ प्रिगोझिन का प्लेन क्रैश हो गया।
प्रिगोझिन को पहले से पता थी मौत की सच्चाई!
दावा किया जाता है कि प्रिगोझिन को अपनी मौत को लेकर पहले से ही डर सता रहा था। वैगनर विद्रोह के बाद जब प्रिगोझिन को देश निकाला दिया गया तो वह कुछ दिनों के लिए बेरारूस चला गया। इस दौरान वह राजधानी मिन्स्क में बिना खिड़की वाले होटल रूम में रुका। प्रिगोझिन को डर था कि होटल की खिड़की से कोई स्नाइपर उसे निशाना बना सकता है। रूस में भी लोगों को प्रिगोझिन की मौत पर कोई खास आश्चर्य नहीं हुआ। रूस में यह चर्चा थी कि प्रिगोझिन का अब क्या होगा, क्योंकि उसकी सेना को पहले ही यूक्रेन युद्ध से हटा दिया गया था, जिसके बाद से प्रिगोझिन के अस्तित्व पर संकट आ गया था।
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