चीन से ऊब गया नेपाल! भारत को सौंपेगा ड्रैगन के बनाए एयरपोर्ट, अडानी की कंपनी से चल रही सीक्रेट बात
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29-06-2024 12:25 PM
काठमांडू: नेपाल के तीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का संचालन भारतीय कंपनी को मिल सकता है। नेपाली अधिकारी भारतीय अरबपति गौतम अडानी की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शीर्ष अधिकारियों के साथ हवाई अड्डों के प्रबंधन के लिए बातचीत कर रहे हैं। स्पुतनिक इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट में नेपाली सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अडानी एंटरप्राइजेज की सहायक कंपनी अडानी एय़रपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के वरिष्ठ अधिकारी नेपाली एजेंसी के निमंत्रण पर काठमांडू में नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAAN) के साथ प्रारंभिक स्तर की बातचीत कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, ये बैठकें जनवरी से हो रही हैं, जब भारतीय उद्योगपति और समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने भारत में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात समिट के दौरान नेपाल के वित्त मंत्री राम शरण महत के साथ मुलाकात की थी। इस दौरान अडानी ने नेपाल के हवाई अड्डे और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने में रुचि जताई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि नेपाली अधिकारियों ने हवाई अड्डे के संचालन के प्रबंधन के लिए बोली में हिस्सा लेने के लिए भारतीय कंपनी को पेशकश की है। हालांकि, अडानी एंटरप्राइजेज ने इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया है। समूह अभी हवाई अड्डों के संचालन की व्यवहार्यता का आकलन कर रहा है।
चीन का महत्वपूर्ण निवेश है पोखरा एयरपोर्ट
नेपाल ने जिन तीन हवाई अड्डों को तीसरी कंपनी को आउटसोर्स करने का फैसला किया है, उसमें चीन द्वारा वित्तपोषित और चीनी कंपनी द्वारा निर्मित पोखरा और गौतम बुद्ध हवाई अड्डा भी है। इस हवाई अड्डे के लिए दिए गए कर्ज की वसूली में चीनी बैंकों पर लूट के आरोप लगे हैं। आरोप है कि चीन ने पहले से निर्धारित दरों को बाद में बदल दिया है। इसके अलावा दो अन्य गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल है।
चीन का कर्ज बना नेपाल के लिए जंजाल
नेपाल सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब वह हवाई अड्डों के संचालन में घाटा उठा रही है। ऐसा माना जाता है कि केवल काठमांडू स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ही वर्तमान में लाभ में चल रहा है। भैरहवा स्थित गौतम बुद्ध एयरपोर्ट का निर्माण चीन के नॉर्थवेस्ट सिविल एविएशन एयरपोर्ट कंस्ट्रक्शन ग्रुप द्वारा किया गया था। वहीं, पिछले साल जनवरी में उद्घाटन किए गए पोखरा एयरपोर्ट के लिए चीन के निर्यात-आयात बैंक ने 21.5 करोड़ डॉलर के ऋण की मदद से किया गया था। इसे चीनी कंपनी सीएएमसी इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेट ने बनाया है। पोखरा हवाई अड्डा नेपाल में चीन की बेल्ट एंड रोड पहल के तहत निर्मित प्रमुख परियोजना है। चीन के भारी कर्ज से बने ये एयरपोर्ट अब नेपाल के लिए सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। उधर, कर्ज वसूली में चीन का खेल भी नेपाल की मुश्किल बढ़ा रहा है।
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