नीदरलैंड ने इजरायल को दिया बड़ा झटका, F-35 के पुर्जों की बिक्री पर लगाई रोक, कारण क्या है
Updated on
13-02-2024 02:39 PM
हेग: एक अपीलीय अदालत ने नीदरलैंड सरकार को सोमवार को आदेश दिया कि वह लड़ाकू विमान एफ35 के पुर्जे का निर्यात इजरायल को करना बंद करे। अदालत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के स्पष्ट जोखिम का हवाला देते हुए यह आदेश दिया। मानवाधिकार संगठनों की तिकड़ी ने दिसंबर में नीदरलैंड के खिलाफ एक दीवानी मुकदमा दायर किया, जिसमें तर्क दिया गया कि गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य कार्रवाई के आलोक में अधिकारियों को निर्यात लाइसेंस का पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता है। ऑक्सफैम नोविब, पैक्स नीदरलैंड और द राइट्स फोरम ने दिसंबर में यह मामला दायर किया था।
न्यायाधीश बास बोएले ने फैसला सुनाते हुए कहा, ''इस स्पष्ट जोखिम से इनकार नहीं किया जा सकता है कि निर्यात किए गए एफ-35 के पुर्जे का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन करते हुए किया जाए।'' अदालत ने कहा कि निर्यात सात दिनों के भीतर बंद होना चाहिए। यह निर्णय तब आया, जब नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रट ने संघर्ष पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलने के लिए इजराइल की यात्रा की। रट के फलस्तीनी प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह से भी अलग से मिलने की संभावना है।
डच मंत्री ने क्या कहा
डच व्यापार मंत्री जेफ्री वैन लीउवेन ने कहा कि लड़ाकू विमान इजरायल की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह कहना जल्दीबाजी होगी कि उनके देश से कलपुर्जों के निर्यात पर प्रतिबंध का इजरायल को होने वाली समग्र आपूर्ति पर कोई ठोस प्रभाव पड़ेगा या नहीं। उन्होंने कहा, "हम देशों के एक बड़े संघ का हिस्सा हैं जो इजरायल के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम भागीदारों से बात करेंगे कि इससे कैसे निपटा जाए। नीदरलैंड में अमेरिका के स्वामित्व वाले एफ-35 लड़ाकू विमान के कलपुर्जों का एक स्थानीय गोदाम है। अमेरिका यहां से एफ-35 ऑपरेट करने वाले देशों को कलपुर्जों की सप्लाई करता है।
इजरायली हमलों में 28000 फिलिस्तीनियों की मौत
हमास के नियंत्रण वाले गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि है कि इजरायल के बड़े पैमाने पर हवाई और जमीनी हमले में 28,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, और इसके 2.3 मिलियन लोगों में से अधिकांश को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इजरायल गाजा पर अपने हमलों में युद्ध अपराध से इनकार करता है। इजरायल ने 7 अक्टूबर को हमास के हमलों के बाद से गाजा पट्टी पर हमला किया था। हमास के हमलों में 1,200 इज़राइली मारे गए थे और लगभग 240 को बंधक बना लिया गया था।
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