4- रेवड़ी कल्चर से परहेज
बजट से पहले किसान सम्मान निधि बढ़ाने की चर्चा थी। सुगबुगाहट यह भी थी क्या विपक्ष के दबाव में सरकार पुरानी पेंशन की वापसी का संकेत देगी? लेकिन सरकार ने परहेज किया। कोई बड़ी मुफ्त योजना का ऐलान भी नहीं किया। दरअसल पिछले दिनों पीएम ने रेवड़ी कल्चर के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। ऐसे में बजट में इन चीजों से परहेज किया गया। मुफ्त राशन को जरूर जारी रखा गया, लेकिन फूड सब्सिडी में कमी की भी बात कही गई।
5- भविष्य के प्रति सतर्क नजरिया
सरकार ने सकारात्मक संदेश देने की भी पूरी कोशिश की, लेकिन भविष्य की आर्थिक अनिश्चितता का साफ असर भी बजट पर दिखा। वैश्विक मंदी की आशंका के बीच सरकार ने कोई बड़ा जोखिम लेने से परहेज किया। साथ ही, ऐसे फैसलों से भी दूरी रखी जो बाजार का सेंटिमेंट कमजोर करे। वित्तीय घाटे को काबू में रखने की मंशा दिखाई गई। इन कदमों को आने वाले दिनों में किसी भी सूरत से निपटने की तैयारी के रूप में देखा गया।
