कैसे कब्जाया मार्केट
हालांकि स्मार्टफोन मार्केट में अब भी चीनी ब्रांड्स का दबदबा है। टीवी सेगमेंट में चाइनीज ब्रांड्स की संख्या कम है जिससे दूसरी कंपनियों को हिस्सेदारी बढ़ाने का मौका मिला है। लेकिन स्मार्टफोन बाजार में उनकी अहम हिस्सेदारी है। शाओमी, वनप्लस, रियलमी, टीसीएल और iFfalcon ने 2017-18 में भारतीय मार्केट में तहलका मचा दिया था। इन कंपनियों ने एलजी, सैमसंग और सोनी से 30 से 50 परसेंट सस्ते मॉडल उतारे थे और जल्दी ही मार्केट पर अपनी पकड़ बना ली थी। इससे कई बड़े ब्रांड्स ने एंट्री लेवल सेगमेंट से किनारा कर लिया था।भारत में कोडक, थॉमसन और Blaupunkt टीवी ब्रांड्स को बेचने का लाइसेंस रखने वाली कंपनी एसएसपीएल के चीफ एग्जीक्यूटिव अवनीत सिंह मारवाह कहते हैं, 'चाइनीज टीवी ब्रांड्स की स्ट्रैटजी कीमतों में कटौती करके जल्दी से मार्केट कब्जाने की थी। इससे उनका नुकसान बढ़ गया। अब वे टीवी सेगमेंट से बाहर निकलने या उस पर कम फोकस करने की रणनीति अपना रही हैं। उनका जोर स्मार्टफोन बाजार पर है। भारत में वे जिस तरह के ब्रांड्स बेचते हैं, उसमें काफी संभावनाएं हैं।'
