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हीरोशिमा से तीन गुना ज्‍यादा ताकतवर परमाणु बम रूस से पहुंचे बेलारूस, यूक्रेन जंग के बीच तैनाती, आखिर क्‍या हैं पुतिन के इरादे?

Updated on 15-06-2023 07:40 PM
मॉस्‍को: अमेरिका दुनिया का वह देश जिसने सबसे पहले परमाणु बम बनाया तो जापान वह पहला देश जिसने परमाणु हमले का दर्द झेला। अब यूक्रेन युद्ध की वजह से एक बार फिर दुनिया परमाणु हमले के खतरे की तरफ बढ़ गई है। बेलारूस ने रूस से परमाणु मिसाइलों और बमों की डिलीवरी लेनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ परमाणु हथियार हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बमों की तुलना में तीन गुना ज्‍यादा ताकतवर हैं। यह इतिहास में पहला मौका है जब रूस ने इस तरह से अपने परमाणु हथियारों को तैनात करना शुरू कर दिया है।


अमेरिका के रास्‍ते पर रूस
बेलारूस के राष्‍ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने इस बात की जानकारी दी है कि जो परमाणु बन सन् 1945 में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासकी पर गिराए थे, रूसी हथियार उनसे तीन गुना ज्‍यादा खतरनाक हैं। अमेरिका ने हिरोशिमा पर छह अगस्‍त और नागासाकी पर नौ अगस्त 1945 को हमला किया था। इन दोनों हमलों में डेढ़ लाख से ज्‍यादा लागों की जान चली गई थी। जो लोग बच गए थे वो अपंग हो गए थे। इन दोनों शहरों से दूर कई इलाकों में घंटों तक काली बारिश होती रही और रेडियोएक्टिव विकिरण ने इन दोनों शहरों को तबाह कर दिया। आज भी यहां पर तबाही के निशान मौजूद हैं।

क्‍या होते हैं सामरिक हथियार
मार्च में, पुतिन ने घोषणा की थी कि वह बेलारूस में सामरिक परमाणु हथियारों को तैनात करने के लिए सहमत हो गए हैं। कई दशकों यूरोप के कुछ देशों में अमेरिका ने भी ऐसे ही हथियार तैनात कर रखे हैं। पुतिन के फैसले की अमेरिका ने आलोचना की थी। इसके साथ ही अमेरिका ने कहा था कि सामरिक परमाणु हथियारों के अपने रुख को बदलने का उसका कोई इरादा नहीं है। रूस के इस कदम पर अमेरिका के साथ ही साथ चीन की भी नजरें हैं। सामरिक परमाणु हथियार का उद्देश्य युद्ध के मैदान में दुश्मन की सेना और हथियारों को नष्ट करना होता है। अपेक्षाकृत इनकी मारक क्षमता पूरे शहर का नामो निशान मिटाने की ताकत रखने वाले और अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईबीसीएम) पर लगाए जाने वाले रणनीतिक परमाणु हथियारों से कम होती है।

पुतिन से अलग लुकाशेंको का बयान
दूसरी तरफ बेलारूस के राष्‍ट्रपति लुकाशेंको ने कहा कि यदि उनके देश पर हमला होता है तो वह बेलारूस में तैनात किए जाने वाले रूसी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने का आदेश देने से हिचकिचाएंगे नहीं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस साल की शुरुआत में मॉस्को के पड़ोसी एवं सहयोगी देश बेलारूस में कम दूरी की मारक क्षमता वाले परमाणु हथियारों को तैनात करने की योजना की घोषणा की थी। इस कदम को यूक्रेन को मदद मुहैया करा रहे पश्चिम को एक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। पुतिन ने जोर दिया था कि रूस परमाणु हथियारों पर अपना नियंत्रण रखेगा लेकिन लुकाशेंको का बयान उनके दावे के विरोधाभासी है।

रूस ने साधी चुप्‍पी
बेलारूस के राष्ट्रपति कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक लुकाशेंको ने कहा, 'भगवान न करे कि मुझे इन हथियारों का इस्तेमाल करने का फैसला करना पड़े, लेकिन यदि हमला होता है तो हम हिचकिचाएंगे नहीं।’ रूसी अधिकारियों ने हालांकि तत्काल लुकाशेंकों की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रया नहीं दी है। लुकाशेंको ने कहा कि उन्होंने ही पुतिन से बेलारूस में रूसी परमाणु हथियार तैनात करने को कहा था। उन्होंने तर्क दिया कि यह कदम किसी संभावित हमले को रोकने के लिए आवश्यक है। लुकाशेंको ने कहा, ‘मेरा मानना है कि कोई भी ऐसे देश से लड़ना नहीं चाहेगा, जिसके पास ये हथियार होंगे।'



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