15 अगस्त पर ऋषि सुनक ने सुनी मोरारी बापू से रामकथा, यूके के पीएम ने क्यों याद दिलाया हिंदू धर्म
Updated on
16-08-2023 02:00 PM
लंदन: यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक कई बार खुद को गर्व के साथ हिंदू बता चुके हैं। 15 अगस्त यानी मंगलवार को भी यही हुआ जब वह भारत की आजादी का जश्न मनाने के लिए रामकथा सुनने पहुंच गए। भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यूके की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के जीसस कॉलेज में मोरारी बापू की रामकथा का आयोजन किया गया थ। इसी मौके पर सुनक का वहां पर पहुंचना जैसे 'सोने पर सुहागा' हो गया। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस मौके पर अपनी मौजूदगी को अपने लिए गर्व का पल बताया। उनका एक पांच मिनट का वीडियो भी सामने आया है जिसमें उन्होंने बताया है कि वह पीएम के तौर पर नहीं बल्कि हिंदू होने के नाते इस आयोजन पर पहुंचे हैं।
याद आए दिवाली के दिए सुनक ने अपने संबोधन की शुरुआत 'जय सियाराम' के साथ की। इसके बाद उन्होंने कहा यहां पर उन्हें आकर काफी अच्छा लग रहा है। सुनक ने कहा, 'मेरे लिए मेरी आस्था बहुत ही व्यक्तिगत है। यह मुझे मेरे जीवन के हर पल में सही दिशा की तरफ आगे बढ़ाती है। प्रधानमंत्री होना एक बहुत ही सम्मान की बात है लेकिन यह उतना ही कठिन काम भी है। आपको कई फैसले ऐसे लेने पड़ते हैं जो आसान नहीं होते हैं। मुश्किल विकल्पों का सामना करना पड़ता है। मेरा धर्म मुझे हिम्मत और साहस देता है कि मैं देश के लिए ऐसे फैसले ले सकूं जो सर्वश्रेष्ठ साबित हों।' सुनक ने आगे कहा, 'मेरे लिए यह बहुत ही खुशी और गर्व का मौका था जब मैंने चांसलर के पद पर रहते हुए 11 डाउनिंग स्ट्रीट पर दिवाली के मौके पर दिए जलाए थे।'
डेस्क पर विराजमान गणेश सुनक ने बताया कि जिस तरह से मोरारी बापू के पीछे बड़े से सुनहरे हनुमान विराजमान हैं, उसी तरह से 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर उनकी डेस्क पर सोने के गणपति रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह मुझे अभिनय से पहले मुद्दों को सुनने और उन पर विचार करने के बारे में लगातार याद दिलाता है। सुनक ने कहा कि जब वह बड़े हो रहे थे तो उस समय साउथहैम्पटन में स्थानीय मंदिर में जाने की बहुत अच्छी यादें उनके पास हैं। उन्होंने याद किया कि कैसे उनके माता-पिता और परिवार हवन, पूजा और आरती का आयोजन करते थे। इसके बाद, वह अपने भाई-बहन और चचेरे भाइयों के साथ दोपहर का भोजन और प्रसाद परोसने में मदद करते थे।
भगवान राम से लेते प्रेरणा उन्होंने कहा कि शायद सबसे बड़ा मूल्य कर्तव्य या सेवा है, जैसा कि हम जानते हैं। ये हिंदू मूल्य कुछ हद तक ब्रिटिश मूल्य भी हैं। सुनक ने कहा कि वह आज यहां से उस 'रामायण' को याद कर रहे हैं जिसके बारे में बापू बता रहे हैं और साथ ही 'भगवद गीता' और 'हनुमान चालीसा' को याद कर रहे हैं। सुनक ने कहा, 'मेरे लिए भगवान राम हमेशा मेरे जीवन की चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने और शासन को विनम्रता और निस्वार्थ भाव से काम करने के लिए एक प्रेरणादायक व्यक्ति रहेंगे।' उन्होंने 'जय सिया राम' के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सेना ने कब्जे वाले कश्मीर की धरती खून से लाल कर दी है। असीम मुनीर के आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर भयानक गोलीबारी की गई है। प्रदर्शन करने…
वॉशिंगटन: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की इस हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात हुई है। इस मुलाकात में उन्होंने ईरान के मामले में हर विकल्प खुला रखने यानी सैन्य…
वॉशिंटगन: दूसरे विश्वयुद्ध के बाद से बने लगभग हर संवेदनशील रेडिएशन डिटेक्टर के लिए ऐसे स्टील का इस्तेमाल किया जाता है जो पहले परमाणु परीक्षण से पहले डूबे जहाजों से…
सिंगापुर: सिंगापुर के पूर्व राजनयिक किशोर महबूबानी ने कहा है कि भारत ने हालिया दशकों में, अपनी आजादी के बाद से काफी तरक्की की है। उन्होंने कहा कि चीन की…
मास्को: यूक्रेन से जंग के बीच रूस दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा हथियारों से लैस युद्धपोत Admiral Nakhimov पर 3 Ka-31 एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग हेलिकॉप्टर तैनात कर सकता…
काठमांडू: नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि वह नेपाली नागरिकों के बॉयोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र (Natioanl Identity Card) को यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दे। राजनयिक चैनलों…
तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले का ईरान का दांव कामयाब होता दिख रहा है। पिछले तीन दिनों के मैरीटाइम डेटा से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से…