Select Date:

फ्रांस का विरोध, NATO ने जापान को दिया जोर का झटका, बाइडन के प्लान का हुआ सत्यानाश!

Updated on 12-07-2023 01:52 PM
विनियस: नाटो ने विनियस शिखर सम्मेलन के दौरान जापान को जोर का झटका दिया है। दरअसल, विनियस शिखर सम्मेलन के साझा घोषणा पत्र में जापान में नाटो कार्यालय की स्थापना का कोई जिक्र नहीं है। एक दिन पहले तक संभावना जताई जा रही थी कि नाटो इस सम्मेलन के दौरान जापान में कार्यालय खोलने का सार्वजनिक ऐलान कर सकता है। इसे लेकर नाटो और जापान के बीच कई स्तर की वार्ता भी हो चुकी थी। नाटो के इस कार्यालय को एशिया में उसकी मौजूदगी से जोड़कर देखा जा रहा था। माना जा रहा है कि नाटो का यह फैसला फ्रांस की आपत्ति के बाद लिया गया है।


नाटो के घोषणापत्र में क्या लिखा है

एक सूत्र ने निक्केई एशिया को बताया कि साझा घोषणा पत्र में सिर्फ इतना कहा गया है कि नाटो टोक्यो में एक संपर्क कार्यालय खोलने के लिए जापानी सरकार के साथ चर्चा जारी रखेगा। नाटो के सेक्रेटरी जनरल स्टोलटेनबर्ग ने वर्ष की शुरुआत में जापान का दौरा करते समय एक कार्यालय का विचार प्रस्तावित किया था। जापान ने भी एक नया राजदूत पद बनाकर नाटो में अपने प्रतिनिधित्व को मजबूत किया है। इसकी जिम्मेदारी बेल्जियम में तैनात जापानी राजदूत को सौंपी गई थी।

फ्रांस ने क्यों किया नाटो कार्यालय का विरोध

फ्रांस ने नाटो के जापान में कार्यालय खोलने के प्रस्ताव का जमकर विरोध किया था। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा था कि नाटो को मूल रूप से उत्‍तर अटलांटिक इलाके पर फोकस करने के लिए बनाया गया था और अगर इसका भौगोलिक विस्‍तार किया गया तो इससे गठबंधन के प्रभाव क्षेत्र के कम होने का खतरा पैदा हो जाएगा। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा था कि हम सैद्धांतिक रूप से इसके पक्ष में नहीं हैं। जहां तक नाटो के कार्यालय की बात है, जापानी अधिकारियों ने हमसे खुद कहा है कि वे इसको लेकर बहुत ज्‍यादा खुश नहीं हैं।

एशिया में बाइडन का प्लान फेल

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन नाटो के विस्तार से एशिया में चीन के खिलाफ एक नया मोर्चा बनाना चाहते थे। उनकी कोशिश जापान में नाटो कार्यालय के जरिए अमेरिकी सहयोगियों, जैसे ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, भारत जैसे देशों के साथ सहयोग बढ़ाने का था। फ्रांस की इस आपत्ति से बाइडन के प्लान को तगड़ा झटका लगा है। अब अमेरिका को अपने पुराने संगठन जैसे क्वाड, या द्विपक्षीय सहयोग के जरिए ही चीन के खिलाफ मोर्चाबंदी करनी होगी।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 28 July 2026
टोक्यो: जापान में 7.1 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गये हैं जिसके बाद सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया…
 28 July 2026
काठमांडू: नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि वह नेपाली नागरिकों के बॉयोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र (Natioanl Identity Card) को यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दे। राजनयिक चैनलों…
 28 July 2026
तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले का ईरान का दांव कामयाब होता दिख रहा है। पिछले तीन दिनों के मैरीटाइम डेटा से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से…
 28 July 2026
काठमांडू: नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने अगस्त में चीन का दौरा कर सकते हैं। उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) ने आमंत्रित किया है और…
 27 July 2026
इस्लामाबाद: बलोच नेता मीर यार ने एक बार फिर भारत से रिश्ते पर जोर दिया है और पाकिस्तान से आजादी की बात कही है। मीर यार ने भारत को सदियों…
 27 July 2026
बीजिंग: चीन पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारतीय विमानों को लेकर प्रोपेगैंडा फैला रहा है। चीनी मीडिया पिछले एक सवा साल से लगातार अपने रक्षा उपकरणों जैसे…
 27 July 2026
इस्लामाबाद: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि कश्मीर मुद्दे से जुड़े किसी विवाद पर बात होगी तो वह पाकिस्तान के…
 27 July 2026
ढाका: बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार उज जमां ने बीते हफ्ते पांच दिन का तुर्की का दौरा किया है। वह दौरा खत्म कर शनिवार, 25 जुलाई को ढाका लौटे…
 27 July 2026
लंदन: स्वीडन की एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने दिल्ली में मजबूती से विरोध प्रदर्शन करने के लिए भारतीय छात्रों की तारीफ की है। लंदन के ट्रैफलगर स्क्वायर पर एसएफआई की रैली…
Advt.