पाकिस्तान के कार्यवाहक पीएम बोले, सऊदी अरब 5 सालों में निवेश करेगा 25 अरब डॉलर, रियाद ने साधी चुप्पी
Updated on
05-09-2023 02:10 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान इस समय बेहद ही बुरे दौर से गुजर रहा है। हर चीज के दामों में तेजी से इजाफा हुआ है और महंगाई आसमान छू रही है। इस स्थिति के बीच ही पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार-उल-हक काकर ने सऊदी अरब को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि अगले पांच सालों के अंदर सऊदी अरब पाकिस्तान में 25 अरब डॉलर का निवेश करेगा। उनका कहना है कि देश के अलग-अलग सेक्टर्स में यह निवेश किया जाएगा। साथ ही सरकार निजीकरण की प्रक्रिया को फिर से शुरू करेगी।
एफडीआई के तहत होगा निवेश जुलाई में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की तरफ से पाकिस्तान के लिए तीन अरब डॉलर बिलियन डॉलर के ऋण कार्यक्रम की मंजूरी दी गई थी। इसके बाद एक कार्यवाहक सरकार के तहत आर्थिक सुधार को एक मुश्किल रास्ते पर चलाया जा रहा है। काकर ने अपने आधिकारिक आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सऊदी अरब का निवेश खनन, कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में होगा। यह निवेश पाकिस्तान में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ाने के लिए की जा रही कोशिशों का एक हिस्सा होगा।
सऊदी अरब ने नहीं दी प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री काकर के बयान पर सऊदी अरब सरकार ने चुप्पी साधी हुई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की मानें तो उसके अनुरोध पर सऊदी सरकार की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अगर इस निवेश की पुष्टि हो जाती है तो यह अब तक सबसे बड़ा निवेश होगा जो सऊदी की तरफ से पाकिस्तान में किया जाएगा। सऊदी अरब, पाकिस्तान का लंबे समय से सहयोगी रहा है। देश भुगतान संतुलन संकट से निपट रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अपनी व्यापार घाटे और अंतरराष्ट्रीय कर्जों का भुगतान करने के लिए पाकिस्तान को अरबों डॉलर के विदेशी मुद्रा की जरूरत है।
कहां पर करेगा निवेश? पीएम काकर ने यह नहीं बताया कि रियाद किस परियोजनाओं में निवेश करना चाहता है। लेकिन पिछले महीने बैरिक गोल्ड कॉर्प ने कहा था कि वह पाकिस्तान की रेको डिक सोने और तांबे की खान में अपनी भागीदारी के लिए सऊदी अरब के वेल्थ फंड को शामिल करने के लिए तैयार है। काकर ने कहा कि पाकिस्तान के अनछुए खनिज भंडार का अनुमानित मूल्य करीब छह अरब डॉलर है। बैरिक रेको डिक खान को दुनिया के सबसे बड़ा अविकसित तांबा-सोना क्षेत्रों में से एक माना जाता है। इस खान में कंपनी की 50 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि बाकी का 50 फीसदी की हिस्सेदारी पाकिस्तान और बलूचिस्तान की प्रांतीय सरकार के पास है।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सेना ने कब्जे वाले कश्मीर की धरती खून से लाल कर दी है। असीम मुनीर के आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर भयानक गोलीबारी की गई है। प्रदर्शन करने…
वॉशिंगटन: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की इस हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात हुई है। इस मुलाकात में उन्होंने ईरान के मामले में हर विकल्प खुला रखने यानी सैन्य…
वॉशिंटगन: दूसरे विश्वयुद्ध के बाद से बने लगभग हर संवेदनशील रेडिएशन डिटेक्टर के लिए ऐसे स्टील का इस्तेमाल किया जाता है जो पहले परमाणु परीक्षण से पहले डूबे जहाजों से…
सिंगापुर: सिंगापुर के पूर्व राजनयिक किशोर महबूबानी ने कहा है कि भारत ने हालिया दशकों में, अपनी आजादी के बाद से काफी तरक्की की है। उन्होंने कहा कि चीन की…
मास्को: यूक्रेन से जंग के बीच रूस दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा हथियारों से लैस युद्धपोत Admiral Nakhimov पर 3 Ka-31 एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग हेलिकॉप्टर तैनात कर सकता…
काठमांडू: नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि वह नेपाली नागरिकों के बॉयोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र (Natioanl Identity Card) को यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दे। राजनयिक चैनलों…
तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले का ईरान का दांव कामयाब होता दिख रहा है। पिछले तीन दिनों के मैरीटाइम डेटा से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से…