हमास की हिंसा नहीं, महात्मा गांधी के हथियार से फिलीस्तीन को मिलेगी आजादी, सऊदी प्रिंस अल फैसल ने दी नसीहत
Updated on
20-10-2023 02:26 PM
रियाद: सऊदी अरब के पूर्व इंटेलीजेंस चीफ तुर्की अल फैसल ने इजरायल और फिलीस्तीन में आम लोगों पर हिंसा का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा या सैन्य कार्रवाई कभी भी किसी समस्या का हल नहीं हो सकता है। ऐसे में वो हमास के इजरायल में हमले और इजरायल की गाजा में कार्रवाई दोनों की निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले का हल भारत की आजादी के सिपाही महात्मा गांधी के दिखाए अहिंसा के रास्ते से ही मुमकिन है। फिलीस्तीन के लोगों को उन तौर-तरीकों से सीखना चाहिए, जो महात्मा गांधी ने भारत की आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़ाई के लिए अपनाए थे।
हमास और इजरायल दोनों का तरीका ठीक नहीं: अल-फैसल
तर्की अल फैसल ने इजरायल-फिलीस्तीन विवाद पर कहा, सभी लोगों को किसी भी सैन्य कब्जे के विरोध का हक है। फिलिस्तीनियों को भी इजरायल के सैन्य कब्जे का विरोध करने का पूरा अधिकार है। मैं फिलीस्तीन में किसी भी सैन्य कार्रवाई के विकल्प का विरोध करता हूं। अमेरिका और ब्रिटेन में सऊदी के राजदूत रह चुके अल-फैसल ने कहा कि आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा के लिए इजरायल और हमास की निंदा की जानी चाहिए। हमास के हमले की निंदा करते हुए उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस तरह का काम इस्लाम के आदर्शों के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने गाजा में आम नागरिकों पर इजरायल की बमबारी की भी आलोचना की। अल-फैसल ने कहा कि इस लड़ाई में ना किसी का फायदा होगा और ना ही इसमें कोई हीरो है, इस जंग में सिर्फ पीड़ित हैं। इस हिंसा और खून-खराबे को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
हमास और इजरायल दोनों का तरीका ठीक नहीं: अल-फैसल
तर्की अल फैसल ने इजरायल-फिलीस्तीन विवाद पर कहा, सभी लोगों को किसी भी सैन्य कब्जे के विरोध का हक है। फिलिस्तीनियों को भी इजरायल के सैन्य कब्जे का विरोध करने का पूरा अधिकार है। मैं फिलीस्तीन में किसी भी सैन्य कार्रवाई के विकल्प का विरोध करता हूं। अमेरिका और ब्रिटेन में सऊदी के राजदूत रह चुके अल-फैसल ने कहा कि आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा के लिए इजरायल और हमास की निंदा की जानी चाहिए। हमास के हमले की निंदा करते हुए उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस तरह का काम इस्लाम के आदर्शों के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने गाजा में आम नागरिकों पर इजरायल की बमबारी की भी आलोचना की। अल-फैसल ने कहा कि इस लड़ाई में ना किसी का फायदा होगा और ना ही इसमें कोई हीरो है, इस जंग में सिर्फ पीड़ित हैं। इस हिंसा और खून-खराबे को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
इजरायल और हमास बीते दो हफ्ते से आमने-सामने हैं। 7 अक्टूबर को हमास ने बड़े हमले को अंजाम दिया था। जिसमें 1500 लोगों की जान चली गई। इस हमले के बाद इजरायल ने गाजा पट्टी पर लगातार हवाई हमले किए हैं। गाजा पट्टी में इजरायल के हमलों में भी 2 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी हैं।
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