भारत में हो रहे जी20 पर ध्यान दें, विवाद अलग रखें... चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के रवैये पर अमेरिका ने जमकर सुना दिया
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06-09-2023 01:52 PM
वॉशिंगटन: चीन क राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत में हो रहे जी20 सम्मेलन न से दूरी बना ली है। अब इस पर अमेरिका की तरफ से प्रतिक्रिया दी गई है। अमेरिका ने चीन को जी20 सम्मेलन को खराब करने वाला देश करार दिया है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलिवन ने भी इस पूरे मामले पर बयान दिया। साल 2021 में जिनपिंग कोविड-19 प्रतिबंधों के चलते सम्मेलन से दूर रहे थे। लेकिन उन्होंने वीडियो लिंक के जरिए इसमें शिरकत की थी। ऐसे में राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला मौका है जब वह इस सम्मेलन से दूरी बना रहे हैं। भारत में विशेषज्ञों ने चीन के आर्थिक हालात और भारत के साथ जारी तनाव को इसकी बड़ी वजह बताया है।
चीन सम्मेलन को खराब करने वाला अमेरिकी एनएसए सुलिवन ने चीन-भारत संबंधों के मद्देनजर G20 पर पड़ने वाले असर को लेकर दिया बयान। उन्होंने कहा, 'जहां तक भारत और चीन संबंधों में तनाव का सम्मेलन पर असर पड़ने को लेकर सवाल है, तो ये चीन के ऊपर है कि अगर वो माहौल बिगाड़ने वाले का काम करना चाहता, तो वो विकल्प उसे उपलब्ध है।' अमेरिकी एनएसए ने जी20 में चीन को रचनात्मक भूमिका निभाने को कहा न कि वह इस सम्मेलन को बिगाड़ने की कोशिश करें।
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि सम्मेलन का अध्यक्ष, भारत, उन्हें वह करने के लिए प्रोत्साहित करेगा जो हम, अमेरिका और जी20 का हर दूसरा सदस्य करेगा, उन्हें जलवायु पर, बहुपक्षीय पर रचनात्मक तरीके से आने के लिए प्रोत्साहित करेगा। विकास, बैंक सुधार, ऋण राहत पर, प्रौद्योगिकी पर और भू-राजनीतिक सवालों को अलग रखें और वास्तव में विकासशील देशों के लिए समस्या-समाधान और वितरण पर ध्यान केंद्रित करें।'
जो बाइडन निराश अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भी जिनपिंग के न आने से निराश हैं। जिनपिंग के बाद चीन में नंबर दो नेता प्रधानमंत्री ली कियांग सम्मेलन के लिए भारत आ रहे हैं। चीन की अर्थव्यवस्था इस समय सबसे ज्यादा खतरे में है। माना जा रहा है कि कियांग को भेजकर जिनपिंग अपना चेहरा बचाने की कोशिशें कर रहे हैं। चीन की अर्थव्यवस्था और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है, इसकी चर्चा सम्मेलन में हो सकती है। ऐसे में पीएम ली को भारत भेजा जा रहा है।
रंग बदलता चीन दूसरी तरफ चीन ने मंगलवार को कहा कि उसने इस साल के जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी में भारत का समर्थन किया है। चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि वह हमेशा जी20 समूह को उच्च महत्व देता है और प्रासंगिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेता है। इसके साथ ही हम शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने में भारत का समर्थन किया। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक जी20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है। सीमा विवाद का उल्लेख किए बिना, प्रवक्ता ने कहा कि चीन-भारत संबंध कुल मिलाकर स्थिर है और दोनों पक्षों ने विभिन्न स्तरों पर बातचीत और सम्पर्क बनाए रखा है।
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