जो सच में अधिकार दिलवाना चाहते हैं वो जातिगत जनगणना करवाते हैं: अखिलेश
इससे पहले अखिलेश यादव ने भी यूपी में जातिगत जनगणना कराए जाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि भाजपा सरकार राजनीति छोड़े और देशव्यापी जातिगत जनगणना करवाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा- जातिगत जनगणना 85-15 के संघर्ष का नहीं, बल्कि सहयोग का नया रास्ता खोलेगी और जो लोग प्रभुत्वकामी नहीं हैं, बल्कि सबके हक के हिमायती हैं, वो इसका समर्थन भी करते हैं और स्वागत भी। जो सच में अधिकार दिलवाना चाहते हैं वो जातिगत जनगणना करवाते हैं।
'पीडीए ही भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेगा'
अखिलेश ने कहा कि जब लोगों को ये मालूम पड़ता है कि वो गिनती में कितने हैं, तब उनके बीच एक आत्मविश्वास भी जागता है और सामाजिक नाइंसाफी के खिलाफ एक सामाजिक चेतना भी, जिससे उनकी एकता बढ़ती है और वो एकजुट होकर अपनी तरक्की के रास्ते में आने वाली बाधाओं को भी दूर करते हैं, नये रास्ते बनाते हैं और सत्ताओं और समाज के परम्परागत ताकतवर लोगों के अन्याय का खात्मा भी करते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि इससे समाज बराबरी के मार्ग पर चलता है और समेकित रूप से देश का विकास होता है। जातिगत जनगणना देश की तरक्की का रास्ता है। अब ये निश्चित हो गया है कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) ही भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।
