Select Date:

रूस-यूक्रेन युद्ध के खात्मे के लिए पुतिन ने बताया प्लान, क्या मानेंगे अमेरिका समेत पश्चिमी देश?

Updated on 14-06-2023 07:18 PM
मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संकट को सुलझाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष के पीछे पश्चिमी देशों का हाथ है। अगर, पश्चिमी देशों को यूक्रेन संघर्ष सुलझाना है तो उन्हें कीव को हथियार देना बंद करना चाहिए। उनके इस प्रस्ताव के चंद मिनटों के अंदर अमेरिका ने यूक्रेन को 325 मिलियन डॉलर के नए डिफेंस पैकेज का ऐलान कर दिया। इससे साबित होता है कि अमेरिका समेत पश्चिमी देश यूक्रेन के खुद हार मानने तक सैन्य सहायता देना जारी रखेंगे। रूस ने पिछले साल 24 फरवरी को यूक्रेन पर आक्रमण किया था। तब से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है।


पुतिन का दावा- यूक्रेन को पहुंचा भारी नुकसान

पुतिन ने सैन्य संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि दुश्मन किसी भी दिशा में सफल नहीं हुआ। उन्हें भारी नुकसान हुआ है। पुतिन ने बताया कि यूक्रेनी सेना वर्तमान में शाख्त्योर्स्क और वर्मेवका में लगातार हमले कर रही हैं, लेकिन अग्रिम मोर्चों तक पहुंचने में विफल रही हैं। कुल मिलाकर, यूक्रेन चार दिशाओं से हमला कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन बड़े पैमाने पर जवाबी हमला कर रहा है। उन्होंने बताया कि चार जून से यूक्रेनी काउंटर ऑपरेशन के दौरान दुश्मन ने यूक्रेनी सेना ने 160 से अधिक टैंक खो दिए, जबकि हमें 54 टैंक गंवाने पड़े। उनमें से कुछ को मरम्मत कर फिर से इस्तेमाल के योग्य बनाया जा रहा है।

यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई रोकने को कहा


पुतिन ने कहा कि रूस अपने विशेष सैन्य अभियान के जरिए धीरे-धीरे यूक्रेन का असैन्यीकरण करने में लगा हुआ है। अगर पश्चिमी देश संघर्ष को हल करना चाहते हैं तो उन्हें कीव को हथियार देना बंद करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम को यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति बंद करने की जरूरत है, अगर वे जारी संघर्ष को हल करना चाहते हैं। पुतिन ने कहा कि हम समझते हैं कि यूक्रेन में समस्यओं को हल करने की कुंजी उनके पक्ष में हैं। यदि वे वास्तव में चाहते हैं कि आज का संघर्ष बातचीत के माध्यम से समाप्त हो जाए, तो उन्हें केवल एक निर्णय लेने की आवश्यकता है- हथियारों और उपकरणों की आपूर्ति को रोकना, बस इतना ही।

डैम पर हुए हमले के पीछे यूक्रेन का हाथ बताया


पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश यूक्रेन को हथियार देकर उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे यूक्रेनी रक्षा उद्योग पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। वे क्या उत्पादन कर रहे हैं? वे गोला-बारूद, उपकरण, हथियार, सब कुछ आयात कर रहे हैं। इसलिए कोई लंबे समय तक सर्वाइव नहीं रह सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में जो कखोवका पनबिजली संयंत्र पर हमला हुआ था, उसके पीछे यूक्रेन का हाथ था। उन्होंने कहा कि रूस को निश्चित तौर पर उस बांध के विनाश से कुछ फायदा नहीं होने वाला था। इस त्रासदी ने रूसी क्षेत्रों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में इस हमले की पूरी जिम्मेदारी यूक्रेन की है और उसे इसका जवाब देना होगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 27 July 2026
इस्लामाबाद: बलोच नेता मीर यार ने एक बार फिर भारत से रिश्ते पर जोर दिया है और पाकिस्तान से आजादी की बात कही है। मीर यार ने भारत को सदियों…
 27 July 2026
बीजिंग: चीन पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारतीय विमानों को लेकर प्रोपेगैंडा फैला रहा है। चीनी मीडिया पिछले एक सवा साल से लगातार अपने रक्षा उपकरणों जैसे…
 27 July 2026
इस्लामाबाद: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि कश्मीर मुद्दे से जुड़े किसी विवाद पर बात होगी तो वह पाकिस्तान के…
 27 July 2026
ढाका: बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार उज जमां ने बीते हफ्ते पांच दिन का तुर्की का दौरा किया है। वह दौरा खत्म कर शनिवार, 25 जुलाई को ढाका लौटे…
 27 July 2026
लंदन: स्वीडन की एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने दिल्ली में मजबूती से विरोध प्रदर्शन करने के लिए भारतीय छात्रों की तारीफ की है। लंदन के ट्रैफलगर स्क्वायर पर एसएफआई की रैली…
 23 July 2026
सिना बंदरगाह पर समुद्री हवा में नमक ज्यादा इतिहास है। इटली के सिसिली का यह बंदरगाह सन 1185 में व्यापार के साथ ही सभ्यताओं का चौराहा भी माना जाता था।…
 23 July 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) पिछले 1 महीने से ज्यादा समय से उबल रहा है। इलाके में पाकिस्तानी शासन के शोषण और दमन के खिलाफ बड़े पैमाने पर…
 23 July 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में मौलाना फजलुर रहमान के विरोध से घबराई पाकिस्तानी सेना भारत के दुश्मन आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से खुलेआम हाथ मिला रही है। हाल ही में राजधानी इस्लामाबाद में…
 23 July 2026
न्यूयॉर्क: सिंधु जल संधि पर दुनिया में ढिंढोरा पीटने वाले पाकिस्तान को भारत ने दुनिया के सबसे बड़े मंच संयुक्त राष्ट्र से दो टूक जवाब दिया है। यूएन में भारत…
Advt.