इस बड़े PSU Bank पर हुआ RBI का एक्शन तो क्यों सहमे दूसरे बैंक
Updated on
24-10-2023 02:22 PM
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, उसके डिजिटल एप्लिकेशन पर नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाने से अब दूसरे बैंक भी सतर्क हो गए हैं। इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय बैंक की इस कार्रवाई के बाद दूसरे बैंकों को अपनी डिजिटलीकरण प्रक्रियाओं पर फिर से विचार करने, खामियों को दूर करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कर्मचारियों की निगरानी करने पर मजबूर होना पड़ा है।
कोई दिशा-निर्देश नहीं
हालांकि, RBI की ओर से अब तक किसी और बैंक को कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। लेकिन बैंकरों को अंदेशा है कि रिजर्व बैंक अब से डिजिटल डेटा की अधिक बारीकी से जांच करेगा। किसी की फेस वैल्यू पर वह यह सब छोड़ने वाला नहीं है। एक प्राइवेट बैंक में डिजिटल हेड ने कहा, 'अब तक RBI फेस वैल्यू के आधार पर बैंकों से डिजिटल चैनलों की प्रगति पर अपडेट और डेटा लेता था। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि इस मोर्चे पर वह अपने रुख में बदलाव करेगा।'
क्या किया था रिजर्व बैंक ने
दरअसल, 10 अक्टूबर को, RBI ने BoB को अपने 'बॉब वर्ल्ड' मोबाइल एप्लिकेशन पर किसी भी नए ग्राहक को जोड़ने से तत्काल प्रभाव से रोक दिया था। इस कदम को लेकर उसने कहा था बैंक की ओर से ग्राहकों को इस प्लैटफॉर्म पर जोड़ने में कुछ ठोस निगरानी चिंताएं देखी गई थीं। बैंकरों का कहना है कि इस कार्रवाई से बैंकिंग रेगुलेटर ने एक कड़ा संदेश दिया है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि BoB मुद्दे से बैंकों को डिजिटल चैनलों के किसी भी दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रक्रियाएं बनाने और प्लानों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
दोबारा गौर करने की जरूरत
पब्लिक सेक्टर के एक बैंक में डिजिटल चैनलों के इनचार्ज एक सीनियर इग्जेक्यूटिव ने कहा, 'इससे हर बैंक में खामियों को दूर करने और अपने सिस्टम पर दोबारा गौर करने की तत्काल जरूरत को बल मिला है। हमने स्वेच्छा से एक समीक्षा की, और मुझे यकीन है कि दूसरों ने भी ऐसा किया होगा। BoB मामले में, ऐसा लगता है कि कुछ शरारती कर्मचारियों ने अपने टारगेट को पूरा करने के लिए सिस्टम का दुरुपयोग किया है। हालांकि, उल्लंघनों का वास्तव में घाटे जैसा कोई असर नहीं हुआ है, लेकिन इसके प्रभाव व्यापक हो सकते हैं।' बैंकरों ने कहा कि RBI की तरफ से अभी तक कोई विशेष निरीक्षण या पूछताछ नहीं की गई है।
दोबारा गौर करने की जरूरत
पब्लिक सेक्टर के एक बैंक में डिजिटल चैनलों के इनचार्ज एक सीनियर इग्जेक्यूटिव ने कहा, 'इससे हर बैंक में खामियों को दूर करने और अपने सिस्टम पर दोबारा गौर करने की तत्काल जरूरत को बल मिला है। हमने स्वेच्छा से एक समीक्षा की, और मुझे यकीन है कि दूसरों ने भी ऐसा किया होगा। BoB मामले में, ऐसा लगता है कि कुछ शरारती कर्मचारियों ने अपने टारगेट को पूरा करने के लिए सिस्टम का दुरुपयोग किया है। हालांकि, उल्लंघनों का वास्तव में घाटे जैसा कोई असर नहीं हुआ है, लेकिन इसके प्रभाव व्यापक हो सकते हैं।' बैंकरों ने कहा कि RBI की तरफ से अभी तक कोई विशेष निरीक्षण या पूछताछ नहीं की गई है।
अनोखी घटना
पब्लिक सेक्टर के एक बड़े बैंक के चीफ डिजिटल ऑफिसर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, 'आरबीआई हर साल अलग-अलग समय पर बैंकों का सालाना ऑडिट करता है। इनमें डिजिटल चैनल भी शामिल हैं। BoB में जो हुआ वह सभी के लिए ध्यान देने वाली बात है। हालांकि यह एक अनोखी घटना है, लेकिन यह बैंकों को चेताने वाली बात जिस पर उन्हें अमल करना चाहिए।' बैंकरों ने आरबीआई की मौजूदा कार्रवाई की तुलना दिसंबर 2020 में HDFC बैंक पर क्रेडिट कार्ड जारी करने पर लगाए गए प्रतिबंध से की, जो नौ महीने तक चला। उन्हें उम्मीद है कि BoB पर भी प्रतिबंध इसी समय सीमा तक जारी रहेगा।
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