चांद पर 47 साल बाद जा रहा रूस, जानें क्या है लूना 25 मिशन? चंद्रयान-3 से किस तरह है अलग
Updated on
11-08-2023 02:07 PM
मॉस्को: रूस ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर अपना अंतरिक्ष यान उतारने से जुड़ा लूना-25 मिशन लॉन्च कर दिया है। 47 वर्षों में यह रूस का पहला मिशन है। इससे पहले जब यह सोवियत संघ था तब 18 अगस्त 1976 को लूना 24 मिशन चांद पर उतरा था। यह एक मानवरहित अंतरिक्ष यान है जो रूस के अमूर ओब्लास्ट में वोस्तोचन कोस्मोड्रोम से उड़ा। सोयुज-2 फ्रीगेट रॉकेट के जरिए लूना 25 को स्थानीय समयानुसार सुबह 8.10 बजे लॉन्च किया गया। इस रॉकेट का एक स्टेज रूस के एक गांव में गिर सकता था, जिसके कारण उसे खाली करा दिया गया था।
लूना 25 से पहले भारत का चंद्रयान-3 मिशन जुलाई के मध्य में लॉन्च किया गया था। दोनों के 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की संभावना है। चांद के दक्षिणी ध्रुव पर कौन उतरेगा यह देखने के लिए दुनिया स्पेस में हो रही इस रेस पर नजर गड़ाए हुए है। लूना 25 को लूना ग्लोब लैंडर भी कहा जाता है। यह एक वर्ष तक चंद्रमा की ध्रुवीय मिट्टी की संरचना और बहुत ही पतले चंद्र बाह्यमंडल या चंद्रमा के अल्प वातावरण में मौजूद प्लाज्मा और धूल का अध्ययन करेगा।
क्या है लूना-25 की खासियत
रूस का यह लैंडर चार टांगों वाला है। इसमें लैंडिंग रॉकेट, प्रोपेलेंट टैंक, सोलर पैनल, कंप्यूटर और चांद की मिट्टी खोदने वाली एक रोबोटिक आर्म होगा। शुरुआत में रोस्कोस्मोस और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने लूना 25 के साथ ही लूना 26, लूना 27 और मंगल ग्रह के रोवर पर एकसाथ काम करने की योजना बनाई थी। लेकिन दोनों के बीच यह पार्टनरशिप रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद खत्म हो गई।
चंद्रयान-3 में क्या है अलग
भारत का चंद्रयान 14 जुलाई को लॉन्च किया गया था। इसके भी 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की योजना है। इसी सप्ताह उसने चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया है। इस मिशन की खासियत की बात करें तो इसमें एक लैंडर, रोवर और एक प्रोपल्शन मॉड्यूल है। लूना 25 में रोवर नहीं है। अगर रूस का मिशन भारत से पहले लैंड हो भी जाता है, तो भी दक्षिणी ध्रुव पर रोवर चलाने वाला पहला देश भारत ही बनेगा। हालांकि लूना 25 जहां एक साल का मिशन है तो भारत का चंद्रयान सिर्फ 14 दिनों तक चांद की कक्षा में रहेगा।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सेना ने कब्जे वाले कश्मीर की धरती खून से लाल कर दी है। असीम मुनीर के आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर भयानक गोलीबारी की गई है। प्रदर्शन करने…
वॉशिंगटन: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की इस हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात हुई है। इस मुलाकात में उन्होंने ईरान के मामले में हर विकल्प खुला रखने यानी सैन्य…
वॉशिंटगन: दूसरे विश्वयुद्ध के बाद से बने लगभग हर संवेदनशील रेडिएशन डिटेक्टर के लिए ऐसे स्टील का इस्तेमाल किया जाता है जो पहले परमाणु परीक्षण से पहले डूबे जहाजों से…
सिंगापुर: सिंगापुर के पूर्व राजनयिक किशोर महबूबानी ने कहा है कि भारत ने हालिया दशकों में, अपनी आजादी के बाद से काफी तरक्की की है। उन्होंने कहा कि चीन की…
मास्को: यूक्रेन से जंग के बीच रूस दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा हथियारों से लैस युद्धपोत Admiral Nakhimov पर 3 Ka-31 एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग हेलिकॉप्टर तैनात कर सकता…
काठमांडू: नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि वह नेपाली नागरिकों के बॉयोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र (Natioanl Identity Card) को यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दे। राजनयिक चैनलों…
तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले का ईरान का दांव कामयाब होता दिख रहा है। पिछले तीन दिनों के मैरीटाइम डेटा से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से…