रूस ने Su-57 के लिए बनाई 180 डिग्री पर पीछे मार करने वाली महाशक्तिशाली मिसाइल, अमेरिका भी हैरान
Updated on
05-08-2023 02:30 PM
मॉस्को: रूस ने अपने सुखोई एसयू-57 लड़ाकू विमानों के लिए पांचवीं पीढ़ी की कम दूरी तक मार करने वाली मिसाइल विकसित की है। यह मिसाइल 180 डिग्री पर टर्न लेकर विमान के पीछे उड़ रहे दुश्मन को मार गिराने में माहिर है। रूस का दावा है कि इन नए हथियारों के निर्माण से उनका रक्षा उद्योग अमेरिका से काफी आगे निकल चुका है। इस मिसाइल के बारे में जानकारी रूसी हथियार निर्माता कंपनी GosMKB विम्पेल ने स्थानीय डिफेंस आउटलेट मैगजीन आर्सेनल ओटेचेस्टवा को दी थी। इसमें बताया गया है कि रूस में पांचवीं पीढ़ी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का विकास अब औद्योगिक उत्पादन के चरण में पहुंच चुका है। कंपनी ने दावा किया कि वह अमेरिका में इस तरह के हथियारों के डेवलपमेंट से पांच से 10 साल आगे है।
इनर्शियल कंट्रोल सिस्टम से लैस हैं रूसी मिसाइलें
मैगजीन का दावा है कि अमेरिका के उलट रूस में इन मिसाइलों का डेवलपमेंट और परीक्षण जल्द से जल्द किया गया और अब सर्विस में शामिल करने का चरण शुरू हो चुका है। विशेषज्ञों ने बताया कि आरवीवी-एमडी2 को पांचवीं पीढ़ी के एसयू-57 लड़ाकू विमान के अंदर बने वेपन वे में रखा जा सकता है। आर्सेनल ओटेचेस्टवा मैगजीन के प्रधान संपादक विक्टर मुराखोव्स्की ने बताया कि आरवीवी-एमडी2 छोटी दूरी की मिसाइलों में अकेली ऐसी है, जिसे नियंत्रित करने और इसे ऑटोनोमस उड़ान के दौरान स्थिर करने के लिए डिजाइन की गई एक इनर्शियल कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल करता है।
आरवीवी-एमडी2 से अमेरिका को क्यों चिढ़ा रहा रूस
इनर्शियल सिस्टम मानती है कि गोला-बारूद एक्सटर्नल रिफरेंस पाइंट और सिग्नल के बिना स्वायत्त रूप से अंतरिक्ष में अपने कॉर्डिनेट्स निर्धारित करता है। मुराखोव्स्की ने कहा कि आरवीवी-एमडी2 एक रेडियो करेक्शन लाइन से लैस है, जो आपको विमान से लक्ष्य के कॉर्डिनेट्स को निर्धारित करने की अनुमति देता है। इससे इस शॉर्ट रेंज की मिसाइल का दुश्मन के विमान से टकराने की संभावना बढ़ जाती है। नई मिसाइल का एक अन्य लाभ मल्टी-एलिमेंट ड्यूल-बैंड इंफ्रारेड होमिंग हेड है, जिसमें शोर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है।
180 डिग्री पर मुड़ सकती है यह मिसाइल
मुराखोव्स्की ने बताया कि नई मिसाइल सभी कोणों पर लक्ष्य को मार सकती है, विशेष रूप से पीछे उड़ान भर रहे जहाजों को। यह फायर करने के दौरान आगे की ओर उड़ान भरेगा और 180 डिग्री पर टर्न लेकर पीछे उड़ रहे दुश्मन को मार गिराएगा। ऐसी क्षमता अभी तक किसी शॉर्ट रेंज की एयर टू एयर मिसाइल में देखने को नहीं मिला है। हालांकि, पीछे उड़ रहे विमान को रडार के जरिए स्कैन करने और उसके कॉर्डिनेट्स का पता लगाने को लेकर रूस ने कोई जानकारी नहीं दी है, क्योंकि विमान का रडार सिर्फ आगे की ओर ही काम करता है।
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