चुनाव आयोग ने शरद पवार गुट की NCP को नया नाम दे दिया है। पार्टी अब NCP शरदचंद्र पवार के नाम से जानी जाएगी। हालांकि पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
7 फरवरी को शरद पवार गुट ने चुनाव आयोग को पार्टी के लिए तीन नाम भेजे थे। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (S), नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार।
चुनाव चिह्न को लेकर शरद पवार गुट ने तीन सिंबल चुनाव आयोग को प्रस्तावित किए हैं। इनमें बरगद का पेड़, उगता हुआ सूरज और कप-प्लेट शामिल हैं। बरगद के पेड़ मिलने की ज्यादा चर्चा है।
इससे पहले 6 फरवरी को चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र सरकार में शामिल अजित पवार गुट को असली NCP बताया था। 6 महीने तक चली 10 सुनवाई के बाद पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न घड़ी अजित गुट को दे दिया था।
चुनाव आयोग ने इस फैसले के बाद शरद पवार गुट को बुधवार शाम 4 बजे तक तीन नाम भेजने की समय सीमा दी थी। आयोग ने कहा था कि अगर नाम नहीं दिए तो निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट में NCP (अजित पवार गुट) ने कैविएट दायर की
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को NCP (अजित पवार गुट) से वकील अभिकल्प प्रताप सिंह ने कैविएट दायर की है। उधर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने कहा कि, अजित गुट को असली NCP पार्टी के रूप में मान्यता देने पर वे चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।
क्रैस्टो ने कहा, हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट का एक निर्देश है जो कहता है कि विधायक दल को राजनीतिक दल के ऊपर नहीं चुना जा सकता है। इसलिए यदि निर्णय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ गया है तो हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
अजित ने कहा- न्याय मांगने का अधिकार सभी को है
चुनाव आयोग के फैसले पर शरद पवार गुट के सुप्रीम कोर्ट में जाने पर अजित पवार ने कहा है कि न्याय मांगने का अधिकार सभी को है। यह निर्णय हमारे पक्ष में आया है। यदि वे लोग सुप्रीम कोर्ट जाएंगे तो हम वकीलों के जरिए उचित जवाब देंगे। 50 से ज्यादा विधायक, ज्यादातर जिलाध्यक्ष हमारे साथ हैं। लोकतंत्र में बहुमत को महत्व दिया जाता है। इसलिए चुनाव आयोग ने हमें NCP नाम और चुनाव चिह्न दिया है।
चुनाव आयोग के फैसले पर किसने क्या कहा...
NCP केवल 2 राज्यों में सीमित
2000 के तत्कालीन चुनाव परिणामों के आधार पर NCP का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा 10 अप्रैल 2023 को छिन गया था। अब यह केवल महाराष्ट्र और नगालैंड में क्षेत्रीय दल के रूप में मान्यता रखती है।
अजित ने 5 जुलाई को कहा था- अब मैं NCP चीफ
अजित पवार 2 जुलाई 2023 को NCP के 8 विधायकों के साथ महाराष्ट्र की शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। उन्होंने अपने साथ NCP के 40 विधायकों के समर्थन का दावा किया था। गठबंधन सरकार में अजित को डिप्टी CM बनाया गया है।
इसके बाद अजित ने 5 जुलाई 2023 को शरद पवार को NCP राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने का ऐलान किया था। उन्होंने खुद को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया था। अजित का कहना था कि मुंबई में 30 जून 2023 को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला हुआ था।
अजित पवार ने चुनाव आयोग में NCP के नाम-निशान पर अपना दावा जताते हुए 30 जून को लेटर भेजा था। वहीं, शरद गुट के नेता जयंत पाटिल ने 3 जुलाई को आयोग से अजित समेत 9 मंत्रियों सहित 31 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।
शरद से बगावत के बाद अजित ने 30 जून को दावा किया था कि बहुमत उनके पास है। इसलिए पार्टी पर उनका अधिकार है। आयोग में याचिका दायर कर, अजित ने 9 हजार से ज्यादा दस्तावेज पेश किए थे।