बाजार खुलते ही आज 9.5% से ज्यादा लुढ़क गया इस कंपनी का शेयर, GST से क्या है रिश्ता
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16-10-2023 02:54 PM
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार आज फ्लैट खुले। इसके बावजूद कैसीनो चेन चलाने वाली कंपनी डेल्टा कार्प लिमिटेड (Delta Corp Ltd) का शेयर सुबह-सुबह करीब 9.5 फीसदी टूट गया। समाचार लिखे जाने के समय इसका एक शेयर 125 रुपये के आसपास चल रहा है। पिछले शुक्रवार को यह 140 रुपये पर बंद हुआ था। उस दिन भी इसके शेयर 0.85 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ था। शेयरों के दाम में पिटाई की वजह कंपनी को गुड्स एंड सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट से मिला टैक्स नोटिस है।
गिरावट की वजह क्या है
कैसीनो चेन चलाने वाली इस कंपनी का मार्केट कैप इस समय करीब 3400 करोड़ रुपये है। जबकि कंपनी की एक सहायक कंपनी डेल्टाटेक गेमिंग को जीएसटी डिपार्टमेंट से 6385 करोड़ रुपये के बकाये टैक्स के भुगतान का नोटिस मिला है। कंपनी ने यह जानकारी स्टॉक एक्सचेंज में की गई फाइलिंग में दी हे। वैसे देखें तो एक महीने में यह करीब 25 फीसदी टूटा है जबकि एक साल में यह 40 फीसदी से भी ज्यादा टूटा है।
दूसरी तिमाही में बढ़ा है मुनाफा
कंपनी के कारोबार पर नजर डालें तो इसके रिजल्ड उत्साहजनक हैं। इस साल Q2 में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रोफिट 1.75 फीसदी बढ़कर 69.4 करोड़ पह पहुंच गया है। यह एक साल पहले इसी तिमाही में 68.2 करोड़ रुपये था। कंपनी ने जानकारी दी है कि दूसरी तिमाही में उसकी कंसोलिडेटेड इनकम साल दर साल आय 270 करोड़ रुपये से बढ़कर 271 करोड़ रुपये हो गई है। कंपनी की कहना है कि उसक EBITDA हल्की गिरावट के साथ साल दर साल 100.4 करोड़ रुपये से घटकर 100.3 करोड़ रुपये पर आ गया है।
क्या कारोबार है कंपनी का
डेल्टाटेक गेमिंग को पहले गॉसियन नेटवर्क्स के नाम से जाना जाता था। यह कंपनी गेमिंग ऐप अड्डा52 और अड्डागेम्स चलाती है। यदि जीएसटी डिपार्टमेंट के ताजा नोटिस को जोड़ दिया जाए तो डेल्टा कॉर्प की कुल टैक्स देनदारी अब बढ़ कर 23,206 करोड़ रुपये हो गई है। यह रकम कंपनी के कंपनी के मार्केट कैप 3400 करोड़ रुपये से 6 गुना से भी ज्यादा है।
पहले भी मिल चुका है टैक्स नोटिस
कंपनी को इससे पहले बीते 22 सितंबर को भी 11,140 करोड़ रुपये का जीएसटी चुकाने का नोटिस मिला था। इसके अलावा, कंपनी को उसकी तीन सहायक कंपनियों- कैसीनो डेल्टिन डेनज़ोंग, हाईस्ट्रीट क्रूज़ और डेल्टा प्लेज़र क्रूज़ द्वारा भुगतान किए जाने वाले 5,682 करोड़ रुपये के कर का नोटिस भी भेजा गया था। इस बारे में कंपनी का कहना है कि जीएसटी अधिकारियों की मांग सकल रेक राशि के बजाय सकल शर्त मूल्य पर है। यह एक इंडस्ट्री का मसला है। इस बारे में जीएसटी डिपार्टमेंट को अभ्यावेदन भेजा गया है।
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