Select Date:

गोरखा सैनिकों के चीनी शामिल होने का खतरा, पीएम मोदी से आखिर क्‍या चाहते हैं नेपाली प्रधानमंत्री प्रचंड, समझें

Updated on 03-06-2023 06:47 PM
काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्‍प कमल दहल प्रचंड पिछले दिनों पीएम पद संभालने के बाद पहली बार भारत यात्रा पर नई दिल्‍ली पहुंचे। प्रचंड ने अपने भारतीय समकक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। माना जा रहा है कि इसी दौरान उन्‍होंने भारतीय सेना में होने वाली गोरखा सैनिकों की भर्ती के लिए बेहतर शर्तों को भी पीएम मोदी के सामने रखा है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रचंड ने भारत के सामने एक ऐसी स्थिति पेश कर दी है जो किसी परीक्षा से कम नहीं है। प्रचंड जानते हैं कि नेपाल पर चीन के बढ़ते प्रभाव से भारत परेशान है और प्रचंड ने इसी बात का फायदा उठाने की कोशिश की है।
क्‍यों नाराज है नेपाल
पिछले साल भारत सरकार ने गोरखा सैनिकों के लंबी अवधि वाले रोजगार को छोटे अनुबंध वाले बिना पेंशन के टेन्‍योर में बदल दिया था। इस वजह से नेपाल ने 200 साल भर्ती प्रक्रिया को स्‍पष्‍टता नहीं होने तक के लिए रोक दिया था। गोरखा सैनिकों को उनकी बहादुरी और सैन्य कौशल के लिए जाना जाता है। गोरखा कबीले के योद्धाओं को भारतीय सेना में भेजना नेपाल के लिए हमेशा से राजस्व का एक बड़ा स्‍त्रोत रहा है। मगर नेपाल छोटे अनुबंधों से नाराज है। वहीं भारत सरकार के कुछ हिस्‍सों में इस बात को लेकर चिंता है कि यह फैसला नेपाल को चीन के करीब कर सकता है जो उसे कई विकास परियोजनाओं का लालच दे रहा है।


भारतीय सेना का अभिन्‍न हिस्‍सा गोरखा
इस पूरे मामले से वाकिफ लोगों के मुताबिक, दहल ने जब पीएम मोदी से बात की तो उन्‍होंने गोरखा भर्ती का मुद्दा प्रमुख तौर पर उठाया। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में भारत और नेपाल कुछ गोरखा सैनिकों को अपने भारतीय समकक्षों की तरह सैन्य सेवा खत्‍म होने के बाद उन्‍हें पुलिस और अर्धसैनिक संगठनों में शामिल करने पर सहमत हो सकते हैं। भारतीय सेना की 44 गोरखा बटालियनों में करीब 60 फीसदी सैनिक नेपाली हैं। ये बटालियन पाकिस्तान और चीन के साथ भारत की पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर रोटेशन के तहत तैनात होती हैं। इस वजह से ही गोरखा रेजीमेंट भारतीय सेना का ए‍क अभिन्‍न अंग बन जाती है।

क्‍या है गोरखा का इतिहास

गोरखा सैनिक सन् 1815 से उपमहाद्वीप की सेना का हिस्सा रहे हैं। उस समय ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और नेपाल साम्राज्य ने एक शांति संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद से ही गोरखा लड़ाकों की भर्ती का दरवाजा खुल गया था। सन् 1947 में आजादी के बाद लंदन, भारत और नेपाल के बीच एक समझौते ने भारत और ब्रिटेन को अपनी सेनाओं में गोरखा लड़ाकों की भर्ती जारी रखने की अनुमति दी। सेना की बटालियन भी भारतीय गोरखाओं से बनी हैं और वो भी अग्निपथ नामक भर्ती स्‍कीम में बदलाव से नाखुश हैं।
चीन की लालची नजरें
अग्निपथ स्‍कीम की वजह से साल 2023 में एक भी नेपाली गोरखा, भारतीय सेना में शामिल नहीं हुआ। वहीं चीन इस पूरे मुद्दे में फायदा उठाने की ताकमें है। चीन काफी समय से भारतीय सेना में शामिल होने वाले नेपाली गोरखा की वजह से परेशान था, अब उन्‍हें पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) में भर्ती करने के लिए बेचैन है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर चीन को इस मसले का फायदा उठाने से रोकना है तो फिर भारत को इसका कोई हल जल्‍द निकालना होगा।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 27 July 2026
इस्लामाबाद: बलोच नेता मीर यार ने एक बार फिर भारत से रिश्ते पर जोर दिया है और पाकिस्तान से आजादी की बात कही है। मीर यार ने भारत को सदियों…
 27 July 2026
बीजिंग: चीन पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारतीय विमानों को लेकर प्रोपेगैंडा फैला रहा है। चीनी मीडिया पिछले एक सवा साल से लगातार अपने रक्षा उपकरणों जैसे…
 27 July 2026
इस्लामाबाद: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि कश्मीर मुद्दे से जुड़े किसी विवाद पर बात होगी तो वह पाकिस्तान के…
 27 July 2026
ढाका: बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार उज जमां ने बीते हफ्ते पांच दिन का तुर्की का दौरा किया है। वह दौरा खत्म कर शनिवार, 25 जुलाई को ढाका लौटे…
 27 July 2026
लंदन: स्वीडन की एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने दिल्ली में मजबूती से विरोध प्रदर्शन करने के लिए भारतीय छात्रों की तारीफ की है। लंदन के ट्रैफलगर स्क्वायर पर एसएफआई की रैली…
 23 July 2026
सिना बंदरगाह पर समुद्री हवा में नमक ज्यादा इतिहास है। इटली के सिसिली का यह बंदरगाह सन 1185 में व्यापार के साथ ही सभ्यताओं का चौराहा भी माना जाता था।…
 23 July 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) पिछले 1 महीने से ज्यादा समय से उबल रहा है। इलाके में पाकिस्तानी शासन के शोषण और दमन के खिलाफ बड़े पैमाने पर…
 23 July 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में मौलाना फजलुर रहमान के विरोध से घबराई पाकिस्तानी सेना भारत के दुश्मन आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से खुलेआम हाथ मिला रही है। हाल ही में राजधानी इस्लामाबाद में…
 23 July 2026
न्यूयॉर्क: सिंधु जल संधि पर दुनिया में ढिंढोरा पीटने वाले पाकिस्तान को भारत ने दुनिया के सबसे बड़े मंच संयुक्त राष्ट्र से दो टूक जवाब दिया है। यूएन में भारत…
Advt.