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इस फंड में स्थापना के समय जिसने लगाया 10 लाख, आज बन गए 5.5 करोड़ रुपये

Updated on 28-10-2023 03:25 PM
मुंबई: अभी पिछले दिनों ही लगातार छह सत्र तक शेयर बाजार में मंदड़िए हावी रहे। इतने दिनों में ही निवेशकों के 22 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। इसके बाद बीते शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 634 अंक चढ़ कर बंद हुआ। लगातार छह शेसंस के दौरान शेयर बाजार में गिरावट की वजह दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव बनी। इस गिरावट की वजह से जिन निवेशकों का पोर्टफोलियो इक्विटी में ज्यादा था, उनके निवेश के मूल्य में अस्थिरता देखी गई है। अक्सर, ऐसे साइकिल अधिकांश निवेशकों के लिए अच्छे नहीं होते हैं। ऐसे साइकिल से ही घबरा कर कई निवेशक अपने पैसे निकालने लग जाते हैं। यदि आप भी ऐसे ही चिंतित लोगों में से हैं, तो आपके लिए ही यह खबर है। आप अपनी निवेश यात्रा को बरकरार और तनाव मुक्त रखने के लिए अभी उचित सुधारात्मक कदम उठा सकते हैं।

इनवेस्टमेंट में लाएं डायवर्सिटी

म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर आशा अंकित गांगर का कहना है कि शेयर बाजार में आप पैसे तभी बना सकते हैं, जबकि रिस्क पर कंट्रोल हो। रिस्क पर कंट्रोल रखने के लिए आपको एसेट क्लास में डायवर्सिफिकेशन लाने की आवश्यकता है। डायवर्सिफिकेशन का आसान तरीका म्यूचुअल फंड की मल्टी एसेट श्रेणी होती है। उनका कहना है कि सभी अंडों को एक ही टोकड़ी में रखना कभी-कभी घातक होता है। अभी जो स्थिति चल रही है, उसमें संभवत: ऐसी ही स्थिति हो सकती है। उनके मुताबिक मल्टी-एसेट श्रेणी में सबसे पुराने फंडों में से आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टी-एसेट फंड है। फंड का 21 साल का ट्रैक रिकॉर्ड है। इसने धैर्यवान निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। इसकी स्थापना के समय अगर किसी ने 10 लाख रुपये का निवेश किया होगा तो आज यह रकम 5.5 करोड़ रुपये की हो गई है। जबकि इसके बेंचमार्क निफ्टी-50 टीआरआई में यही रकम सिर्फ 2.7 करोड़ रुपये ही हो पाई है।

मल्टी एसेट एक सदाबहार रणनीति

गांगर कहती हैं कि यहीं पर मल्टी-एसेट निवेश दृष्टिकोण, एक सदाबहार रणनीति के रूप में उपयोगी बन जाता है। जैसा कि नाम से पता चलता है मल्टी एसेट निवेश का अर्थ है अपने पैसे को कई परिसंपत्ति वर्गों जैसे डेट, इक्विटी, सोना और रियल एस्टेट से संबंधित साधनों में उपयुक्त अनुपात में निवेश करें। यह न केवल एकाग्रता के जोखिमों को काफी हद तक कम करता है, आपको कई परिसंपत्ति वर्गों का लाभ भी मिलता है। सभी परिसंपत्ति वर्गों के अपने-अपने बाजार चक्र, रिस्क-से-रिवॉर्ड अनुपात और मूल्यांकन की गतिशीलता होती है। उदाहरण के लिए, जब इक्विटी प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो डेट और सोना जैसी संपत्तियां महंगाई के खिलाफ स्थिरता और मजबूत बचाव प्रदान कर सकती हैं। दूसरी ओर, जब डेट और सोना दबाव में होते हैं, तो इक्विटी में निवेश किसी भी अनुमानित नुकसान की भरपाई कर सकता है।

एक फंड में तीन या इससे भी अधिक एसेट क्लास का मिलता है लाभ

अमूमन निवेशकों के पास शेयर बाजार का पर्याप्त ज्ञान और समय की कमी होती है। इसी वजह से निवेशकों को अपने दम पर निवेश करना आसान नहीं लगता है। यहीं पर मल्टी-एसेट फंड काम आता है। यह फंड एक ही फंड के भीतर तीन या अधिक परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करने के लिए बनाया गया है। नतीजतन, ऐसा फंड बाजार की स्थिति के अनुसार सर्वोत्तम रिटर्न उत्पन्न करने के लिए अपने आवंटन की समीक्षा करने के लिए अपने लचीले दृष्टिकोण को देखते हुए किसी भी बाजार चक्र से लाभ उठाने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित है।

अभी उठा सकते हैं कदम

जब बाजार में शेयरों की पिटाई होती है तो कई निवेशक अपने पैसे निकालने लग जाते हैं। हालांकि बाजार विशेषज्ञ इस अवसर का उपयोग अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्स करने में करते हैं। आप भी अपनी निवेश यात्रा को बरकरार और तनाव मुक्त रखने के लिए अभी उचित सुधारात्मक कदम उठा सकते हैं। अपने पैसे को सिर्फ इक्विटी से निकाल कर मल्टी एसेट फंड में शिफ्ट कर सकते हैं।

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