दो-तिहाई विधायकों के साथ पार्टी आपकी नहीं है, शिवसेना विधायक अयोग्यता मामले में उद्धव ठाकरे गुट का तर्क
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18-12-2023 01:12 PM
मुंबई\नागपुर: शिवसेना विधायकों की अयोग्यता मामले (Shiv Sena MLA Disqualification Case) की सुनवाई नागपुर में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के सामने शुरू हो गई है। इस मौके पर उद्धव ठाकरे गुट की ओर से वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने दलीलें रखीं। उद्धव गुट ने कहा कि व्हिप हटाने का अधिकार राजनीतिक दल का है। विधायक दल का नहीं। उद्धव ठाकरे गुट ने कहा कि शिंदे समूह का दावा है कि पार्टी हमारी है। क्या सिर्फ इसलिए कि आपके पास अधिक विधायक हैं। इससे आप एक पार्टी नहीं बन जाते। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को इस मामले में अंतिम फैसला देने के लिए 10 जनवरी तक समय दिया है। पहले यह समय सीमा 31 दिसंबर तक थी, लेकिन विधानसभा की ओर से समय बढ़ाकर मांगा गया था।
क्या है ठाकरे गुट का तर्क? ठाकरे गुट ने कहा कि शिंदे गुट यह नहीं कह सकता कि शिव सेना हमारी पार्टी है जैसा कि चुनाव आयोग ने कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि बैठक में शामिल न होने पर सदस्यता रद्द की जा सकती है। शिवसेना विधायक दल ने एकनाथ शिंदे को गुट नेता और भरत गोगवले को उपाध्यक्ष नियुक्त किया। लेकिन उपाध्यक्ष को यह जांचना चाहिए था कि यह फैसला किसी राजनीतिक दल का था या नहीं। पार्टी क्या है और पदाधिकारी क्या है? पार्टी प्रतिनिधि केवल पंजीकृत पदाधिकारी हैं। हर कार्यकर्ता प्रतिनिधि नहीं है। यदि आपको नेतृत्व पसंद नहीं आया तो क्या आपने राष्ट्रीय कार्यकारिणी या प्रतिनिधि सभा में उसके विरुद्ध कोई मुद्दा उठाया? ये सवाल ठाकरे ग्रुप ने पूछा था।
'अधिक विधायक हैं तो आप पार्टी नहीं बन जाते' ठाकरे गुट ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि आपके पास अधिक विधायक हैं। इससे आप एक पार्टी नहीं बन जाते। दो तिहाई विधायकों को पार्टी नहीं मिलती। नई पार्टी बनाना या विलय करना ही एकमात्र विकल्प है। अगर दो-तिहाई विधायक अयोग्य नहीं होंगे तो उन्हें अलग पहचान मिल सकती है।
'राजनीतिक दल और विधायक दल में अंतर होता है' उद्धव गुट ने कहा कि एकनाथ शिंदे को गुट का नेता और भरत गोगवले को प्रमोट किया गया। बाकी एक तिहाई विधायक मूल पार्टी के प्रतिनिधि हैं। नियम के अनुसार दोनों गुटों को केवल सदन में ही अयोग्यता से सुरक्षा प्राप्त है। लेकिन राजनीतिक दल और विधायक दल में अंतर होता है। व्हिप हटाने का अधिकार राजनीतिक दल का है, विधायक दल का नहीं। ठाकरे गुट ने यह भी कहा कि शिंदे गुट का दावा है कि पार्टी हमारी है और क्या उनको कानून को जानकारी नहीं है। 'दस लोग एक साथ आकर नहीं कह सकते कि हम पार्टी हैं'
आप पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में वोट करें और उद्धव ठाकरे को किनारे कर दें। लेकिन आप राजनीतिक पैंतरेबाजी करके कानून की ओर से निर्धारित प्रावधान का उल्लंघन नहीं कर सकते। शिंदे गुट ने उल्लंघन किया। ठाकरे गुट ने यह भी कहा कि पार्टी बदलने की एक प्रक्रिया होती है। प्रतिनिधि सभा बुलानी पड़ती है, प्रस्ताव लेना पड़ता है। आयोग को सूचित करना पड़ता है। दस लोग एक साथ आकर नहीं कह सकते कि हम पार्टी हैं।
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