दादासाहेब भगत का जन्म 1994 में महाराष्ट्र के बीड में हुआ था। पुणे से क़रीब 200 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र के सबसे पिछड़े ज़िले में बीड़ के रहने वाले दादासाहेब भगत का जन्म बेहद गरीब परिवार में हुआ। माता-पिता गन्ने के खेतों में कटाई का काम करते थे। मजदूरी के लिए उन्हें कई बार गांव से बाहर भी जाना पड़ता था। घर की आर्थिक हालात इतनी खराब थी कि 14 साल की उम्र में ही वो कुआं खोदने, मिट्ठी ढ़ोने का काम करने लगे। उन्हें इसके बदले रोज 80 रुपये मिलते थे। हालांकि दादासाहेब जानते थे कि पढ़ाई ही वो हथियार है, जिसके माध्यम से वो अपनी किस्मत को बदल सकते हैं।
साल 2009 में दादासाहेब शहर चले आए। उन्हें इंफोसिस कंपनी में काम मिल गया। ऑफिस ब्वॉय की नौकरी के लिए उन्हें 9000 रुपये की सैलरी मिलने लगी। उन्हें ऑफिस में दूसरों को चाय-पानी पिलाना पड़ता था। झाड़ू-पोछा, साफ-सफाई करना पड़ता था। उन्होंने अपनी चपरासी की नौकरी की बात माता-पिता को नहीं बताई थी। हालांकि इंफोसिस में काम करना उनके लिए अच्छा रहा। उन्होंने देखा कि लोग कंप्यूटर में कुछ करते हैं, जिसकी वजह से वो बड़ी-बड़ी गाड़ियों से आते है। कंप्यूटर को लेकर उनकी इच्छा जागने लगी। उन्होंने वहीं से कंप्यूटर और उसकी तकनीक से जुड़ी डिटेल सीखना शुरू कर दिया। रात में ग्राफिक्स डिजाइनिंग और एनीमेशन की पढ़ाई करते थे। नौकरी के साथ-साथ C++ और Python का कोर्स किया।