डिफेंस बजट में लगातार हुआ है इजाफा
सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान डिफेंस के लिए 5.25 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट रखा था। ये सरकार के कुल व्यय के 13.3 फीसदी के बराबर है। विश्व बैंक के आंकड़े बताते हैं कि साल 2000 से लेकर अब तक भारत का डिफेंस एक्सपेंडीचर हमारी जीडीपी के 2.5 से 3.1 फीसदी के बीच बना रहा है। साल 2001 में भारत का कुल रक्षा बजट 14.6 अरब डॉलर था। यह साल 2011 तक 339 फीसदी यानी करीब साढ़े तीन गुना बढ़कर 49.63 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसके बाद के सालों में इसमें काफी धीमी गति से इजाफा हुआ। साल 2020 की बात करें तो सरकार ने डिफेंस पर 72.94 अरब डॉलर यानी जीडीपी के 2.9% के बराबर रकम खर्च की थी। इधर चीन की बात करें तो वह अपनी सुरक्षा पर भारत से करीब 4 गुना ज्यादा खर्च किया है। चीन और भारत के रक्षा व्यय का अंतर पिछले 10-12 साल में तेजी से बढ़ा है। साल 2019 में चीन का मिलिट्री एक्सपेंडीचर बढ़कर 240.33 अरब डॉलर हो चुका था, जबकि उस साल भारत के लिए यह आंकड़ा 71.47 अरब डॉलर तक ही पहुंच पाया था। साल 2010 से 2021 के दौरान भारत ने अपने रक्षा व्यय में जिस रफ्तार से इजाफा किया, उससे कहीं ज्यादा तेजी से चीन ने अपना मिलिट्री एक्सपेंडीचर बढ़ाया है।
