भारतीय रेल (Indian Railway) के नियमों के अनुसार किसी भी व्यक्ति का रिजर्व टिकट किसी और के नाम किया जा सकता है। लेकिन ऐसा तभी होगा जबकि उस टिकट का बर्थ या सीट कंफर्म हो। यह वह वेटिंग टिकट (Waitlisted Ticket) है तो उसके ट्रांसफर की कोई व्यवस्था नहीं है। रेलवे के रूल बुक में कुछ परिस्थितियों का जिक्र किया गया है। इन्हीं परिस्थितयों में ही टिकट ट्रांसफर हो सकता है।
रेलवे के नियमों के मुताबिक आप अपना ट्रेन टिकट किसी और फैमिली मेंबर के नाम पर आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि, फैमिली मेंबर में पिता (Father), माता (Mother), भाई (Brother), बहन (Sister), पुत्र (Son), पुत्री (Daughter), पति (Husband) और पत्नी (Wife) को ही शामिल किया गया है। आपका ममेरा, चचेरा, फुफेरा भाई बहन नहीं चलेगा। आपके साला या साली के नाम भी टिकट ट्रांसफर नहीं हो सकता है। इसमें सास या ससुर भी नहीं चलेगा। परिवार के इन व्यक्तियों के नाम टिकट ट्रांसफर के लिए आपको ट्रेन के रवाना होने से 24 घंटे पहले रिजर्वेशन ऑफिस के चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर (CRS) के पास आपको लिखित में एप्लिकेशन देना होगा।
बहुत से लोग बारात या मैरिज पार्टी के लिए भी ट्रेन में टिकट बुक कराते हैं। कई बार देखा गया है कि इसके लिए आपने जिनके नाम टिकट बुक कराया है, उनमें से कुछ लोग नहीं होते हैं जबकि कुछ लोग बढ़ जाते हैं। ऐसे में आप दूसरे व्यक्ति के नाम टिकट ट्रांसफर कराते हैं तो इसकी भी रेलवे में व्यवस्था है। ऐसे में (Marriage Party) के हेड को ट्रेन छूटने से 48 घंटे पहले चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास एक रिटन रिक्वेस्ट देना होगा। उन्हें बताना होगा कि फलाने व्यक्ति के स्थान पर फलाने व्यक्ति यात्रा करेंगे। हो सके तो उन्हें एक पूरा लिस्ट सौंप दें।
रेलवे ने स्टुडेंट टिकट के ट्रांसफर की भी व्यवस्था की है। रेलवे में टिकट बुक कराने वाला किसी मान्यता प्राप्त शैक्षिक संस्थान (Recognized Educational Institution) का स्टुडेंट है तो वह अपना टिकट किसी और स्टुडेंट के नाम ट्रांसफर कर सकता है। ऐसी स्थिति में उस स्कूल या कॉलेज का हेड रेलवे के चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर को रिक्वेस्ट करेगा। इसमें बताया जाएगा कि अमुक स्टुडेंट का टिकट अमुक स्टुडेंट के नाम ट्रांसफर कर दें। यह रिक्वेस्ट भी ट्रेन छूटने से 48 घंटे पहले देना होगा।
रेलवे ने गवर्नमेंट सर्वेंट के लिए विशेष नियम बनाये हैं। यदि रेलवे का टिकट किसी सरकारी कर्मचारी के नाम बना है और वह ट्रेवल नहीं कर रहा है। तो उसके बदले कोई अन्य कर्मचारी यात्रा कर सकता है। ऐसी परिस्थिती में रेलवे टिकट के ट्रांसफर की व्यवस्था है। इसके लिए उपयुक्त अथॉरिटी को रेलवे के चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के नाम एक रिटन रिक्वेस्ट (Written Request) देना होगा। यह आवेदन ट्रेन छूटने के कम से कम 24 घंटे पहले अवश्य पहुंच जाना चाहिए। इसके बाद दूसरे कर्मचारी के नाम टिकट ट्रांसफर कर दिया जाएगा।