नए प्रोजेक्ट पर भी संकट
कुछ साल पहले बाब अल-मंडेब क्षमता दोगुनी थी। 2023 में इजरायल-हमास युद्ध की शुरुआत में यमन में हूथी लड़ाकों ने कमर्शियल जहाजों पर बार-बार हमले किए। यमन में हूती शिपमेंट में रुकावट डाल रहे हैं। इसलिए सऊदी पाइपलाइन एक आंशिक समाधान तो है, लेकिन पूरी तरह भरोसेमंद समाधान नहीं है।वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट में गल्फ एंड एनर्जी पॉलिसी प्रोग्राम के डायरेक्टर मिस्टर हेंडरसन कहते हैं कि यूएई की नई योजनाएं भी बहुत भरोसेमंद समाधान नहीं हैं। फुजैराह बंदरगाह पर ईरान पहले ही हमला कर चुका है। इसलिए फुजैराह तक एक और पाइपलाइन बनाना समस्या का समाधान कर दे, ये जरूरी नहीं है।
