अतीक अहमद के करीबी कमर को UP STF ने मेरठ से किया गिरफ्तार, 100 से अधिक की GST चोरी का मामला
Updated on
22-12-2023 01:23 PM
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में माफिया अतीक अहमद के रिश्तेदार की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। फर्जी ई- वे बिल से 100 करोड़ से ऊपर की जीएसटी चोरी के मामले में एसटीएफ मेरठ में माफिया के रिश्तेदार पर कार्रवाई की है। मेरठ निवासी रिश्तेदार की गिरफ्तारी गुरुवार रात की है। मेरठ क्षेत्र निवासी कमर अहमद कई कंपनियों का मालिक बताया जाता है। एसटीएफ मेरठ को सूचना मिली थी कि कमर अहमद माफिया अतीक अहमद का रिश्तेदार है। कई राज्यों में इसका कारोबार चलता है। यूपी एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कमर अहमद फर्जी ई- वे बिल से करोड़ों की जीएसटी चोरी कर रहा है। माफिया के रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और जीएसटी विभाग की ओर से शुक्रवार को कार्रवाई तेज की गई है। इस मामले में जल्द बड़ा खुलासा होने का दावा किया जा रहा है।
मेरठ एसटीएफ ने इसके बाद कमर अहमद की तलाश शुरू की। गुरुवार की रात गढ़ रोड रोड स्थित होटल ब्रॉडवे इन में कमर अहमद को ट्रेस किया गया। इसके बाद एसटीएफ की टीम होटल पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हिरासत में लेकर उसकी पूछताछ की जा रही है। आरोपी की निशानदेही पर दस्तावेज, मोबाइल फोन, कंपनी के कागजात और एक गाड़ी जब्त की गई ।है फर्जी ई- वे बिल से कितने करोड़ की धोखाधड़ी हुई है? इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। सिविल लाइन थाने में कमर अहमद के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई जा रही है।
कंपनियों की जुटाई जा रही जानकारी
कमर अहमद और उससे जुड़े लोगों की तमाम कंपनियों का लेखा- जोखा एसटीएफ की टीम जुटा रही है। इस मामले में माना जा रहा है कि जांच के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, संबंधित जीएसटी विभाग के अधिकारियों को एसटीएफ की ओर से इस मामले में सूचना दी गई है। शुक्रवार से सभी विभाग के अधिकारी इस मामले में अपनी कार्रवाई शुरू कर चुके हैं। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी चोरी का मामला 100 करोड़ से ऊपर का है।
ऐसे चला घपले का खेल
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, कमर अहमद और उसके साथियों ने कुछ लोगों से उनके पैन कार्ड और दूसरे दस्तावेज की कॉपी ली। इसके जरिए जीएसटी नंबर हासिल किया। इन जीएसटी नंबर के आधार पर फर्जी कंपनियां रजिस्टर कर ली। इसके बाद कंपनियों की ओर से कागजी कारोबार दिखाए गए। दरअसल, नए नियमों के तहत अंतिम कड़ी के रूप में कारोबार करने वाले को टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है। कमर अहमद फर्जी कंपनियों के आधार पर बताता था कि टैक्स पहले चुकाया जा चुका है। इसलिए टैक्स का भार उस पर नहीं आता है।
इस तरह से फर्जी कंपनियों के आधार पर सरकार से भरे गए टैक्स को भी क्लेम कर वापस लिया जा रहा था। एसटीएफ अधिकारियों की मानें तो इस संबंध में संबंधित विभाग का अधिकारियों को भी रात को ही सूचना दे दी गई है। शुक्रवार को इस मामले में संबंधित अधिकारी अपनी कार्रवाई शुरू करेंगे। वहीं सिविल लाइन थाने में देर रात तक मुकदमे की प्रक्रिया जारी रही।
क्या होता है ई- वे बिल?
जीएसटी भुगतान में ई- वे बिल एक अहम कागजात माना जाता है। ई- वे बिल एक दस्तावेज है, जिस माल एवं सेवा कर अधिनियम के तहत माल ढुलाई में अनिवार्य किया गया है। इसके तहत 50 हजार रुपये से अधिक मूल्य के माल की किसी भी खेप ले जाने वाले वाहन के प्रभारी को यह बिल रखना पड़ता है।
अमरावती: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन किया। यह हवाई अड्डा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी)…
श्रीनगर, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे पहलगाम जैसा हमला हुआ। आतंकवादियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे 2 हिंदू मजदूरों को नाम पूछकर गोली मार दी।…
अहमदाबाद : नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर दिल्ली के बाद देशभर में फैसले Gen Z प्रोटेस्ट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद नई पीढ़ी से संवाद कर रहे हैं।…
नोएडा, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में पीएम मोदी को गाली देने वाली नोएडा की लड़की के खिलाफ जीरो FIR दर्ज हो गई है। यह कार्रवाई नोएडा के…
मुंबई : खाद्य एवं औषध प्रशासन एफडीए ने बॉम्बे हाई कोर्ट परिसर में संचालित हाई कोर्ट स्टाफ को-ऑपरेटिव कैंटीन को नोटिस जारी कर तत्काल खाद्य व्यवसाय बंद करने का निर्देश…
पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में वोटिंग समाप्त होते ही दावों का संसार बसाया जाने लगा। जीत का दावा तो सभी प्रमुख पार्टियां कर रही हैं। पार्टियां अपने-अपने चुनावी समीकरण और…
मुंबई: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने राज्य की लाडली बहन योजना को लेकर स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने योजना के लांच होने…