कीर स्टार्मर के ब्रिटेन का पीएम बनने से भारत के लिए क्या बदलेगा? कश्मीर पर कड़ा रहा है लेबर पार्टी का रुख, समझें
Updated on
05-07-2024 03:13 PM
लंदन: ब्रिटेन में हुए आम चुनाव में लेबर पार्टी की बड़ी जीत हुई है। कीर स्टार्मर के नेतृत्व में पार्टी ने 14 साल बाद कंजरवेटिव को सत्ता से बाहर कर दिया है। ब्रिटेन के 650 सदस्यों वाले निचले सदन (हाउस ऑफ कॉमन्स) में बहुमत के लिए 326 सीटें जीतना जरूरी होता है। अभी तक के रुझानों में कीर स्टार्मर की लेबर पार्टी 400 के आंकड़े को छूती दिख रही है। ब्रिटेन में कीर स्टार्मर के पीएम बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। ब्रिटेन में 14 साल बाद दूसरी पार्टी की सरकार बनने और कीर के पीएम बनने का देश की विदेश नीति पर भी असर होगा। ऐसे में खासतौर से भारत के लिए ब्रिटेन में क्या बदलेगा, ये कीर स्टार्मर के इंडिया के लिए स्टैंड से समझा जा सकता है।
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कीर स्टार्मर के भारत के लिए स्टैंड को चुनाव प्रचार के दौरान के उनके भाषणों से समझा जा सकता है। चुनाव अभियान के दौरान लेबर नेता कीर स्टार्मर ब्रिटिश भारतीयों के साथ-साथ भारत को भी लुभाने की कोशिश करते देखे गए। स्टार्मर ने लेबर और भारत के बीच तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की बात कही और सरकार बनाने पर भारत के साथ एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। स्टार्मर ने लेबर पार्टी के पुराने समय में लिए गए कुछ फैसलों का भी जिक्र किया। खासतौर से कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के पक्ष में पार्टी के रुख में बदलाव का उन्होंने संकेत दिया। 2019 में कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने पर लेबर ने भारत की आलोचना की थी।
भारत विरोध से परहेज करेंगे स्टीर्मर!
कीर स्टार्मर ने भारत के साथ उचित संबंध बनाने के महत्व पर जोर देते हुए लेबर पार्टी के भीतर भारत विरोधी भावनाओं को खत्म करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। स्टार्मर ने ब्रिटेन की भारतीय मूल की आबादी के बढ़ते राजनीतिक दबदबे को भी पहचाना है। उन्होंने ब्रिटिश भारतीय मतदाताओं का समर्थन दोबारा हासिल करने की कोशिश की है, जिन्होंने हाल के वर्षों में खुद को लेबर से दूर कर लिया था। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता में हुई देरी पर उन्होंने कहा है कि लेबर एफटीए में ना केवल व्यापार, बल्कि नई तकनीक, पर्यावरण और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाएगी।लेबर पार्टी के पिछले नेतृत्व की तुलना में स्टार्मर ने भारत के प्रति समर्थन का रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि वे यूके और भारत के बीच विश्वास को फिर से बनाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। लेबर पार्टी के भीतर भारत विरोधी भावनाओं को खत्म करने के लिए स्टार्मर ने कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि लेबर के भीतर किसी भी अतिवादी विचार को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है जो यूके-भारत संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है। चुनाव प्रचार के दौरान स्टार्मर ने लंदन में एक हिंदू मंदिर की यात्रा के दौरान भारत के साथ एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी बनाने की बात पर जोर दिया।
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