एएसपी इंद्रजीत बकरवाल ने बताया कि आरोपी उमेश परिहार ने उज्जैन से तांत्रिक अनुष्ठान सीखा था। वो अपने घर के एक कमरे में तंत्र-मंत्र कर रहा था। उसी रूम में उसका सबसे छोटा बेटा सो रहा था। जब उसके परिवार के सदस्यों ने इसका विरोध किया तो उसने रूम का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। अपने बेटे पर हमला करने लगा। एएसपी इंद्रजीत ने कहा कि आरोपी उमेश ने अपने दो साल के बेटे को उठाकर कई बार फर्श पर पटक दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिवार के सदस्यों ने मदद के लिए चिल्लाया और पड़ोसियों को इकट्ठा किया, लेकिन आरोपी ने किसी की बात नहीं सुनी। सीएसपी अमित मिश्रा ने बताया कि इसके बाद परिवार के सदस्यों ने एक ट्रांसजेंडर को भी बुलाया, जिसके लिए आरोपी कुछ साल पहले ड्राइवर के रूप में काम करता था। परिवार को लगता था कि आरोपी उसकी बात सुनेगा। दरअसल ट्रांसजेंडर ने आरोपी उमेश की तीन बेटियों को गोद ले रहा है। वो उनकी शिक्षा का खर्च वहन करती है।
पीथमपुर के बगदुन पुलिस स्टेशन से पुलिस अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची और घर में घुसने की कोशिश की, लेकिन जब वे चैनल गेट को तोड़ने का प्रयास कर रहे थे, तो आरोपी ने नाबालिग के शव को लाकर उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और एलपीजी सिलेंडर से घर को उड़ाने की धमकी दी। अमित मिश्रा ने बताया कि 'टीम कुछ देर बाद अंदर घुसी और कमरे को देखकर दंग रह गई। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। परिवार के सदस्य सदमे में हैं। हम उनसे बात नहीं कर पाए हैं।'