Select Date:

भारत को जब सबने कर दिया था अकेला तब फ्रांस ने दिया साथ, जानें क्‍यों खास हैं रिश्‍ते, पीएम मोदी करेंगे यात्रा

Updated on 12-07-2023 01:43 PM
पेरिस: फ्रांस, यूरोप का वह देश है जिसका अपना एक इतिहास है और जो इस वजह से पूरी दुनिया में मशहूर हैं। 13 और 14 जुलाई को जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी राजधानी पेरिस में होंगे तो वह उस विरासत को आगे बढ़ाएंगे जो रणनीतिक साझीदारी से जुड़ी है। फ्रांस, भारत का वह साझीदार है जो पिछले 25 सालों से मजबूती से देश के साथ खड़ा है। यह वह देश है जिसने कभी दूसरे देश के साथ मिलकर भारत का विरोध नहीं किया। भारतीय सेनाओं को मजबूत करने की बात हो या फिर परमाणु हमले का दौर, फ्रांस हर स्थिति में भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है।

क्‍या हुआ था 1998 में
फ्रांस में भारत के राजदूत रहे मोहन कुमार ने स्‍ट्रैटन्‍यूज के साथ बातचीत में बताया है कि भारत और फ्रांस का रिश्‍ता क्‍यों इतना खास है। उन्‍होंने बताया कि फ्रांस ने ऐसे समय में भारत के साथ रिश्‍तों को चुना जब वह एक अप्रत्‍याशित विजेता के तौर पर उभर रहा था और कोई भी देश उसकी मौजूदगी को मानने के लिए तैयार नहीं था। उन्‍होंने बताया कि यह दौर साल 1998 का था जब भारत ने परमाणु परीक्षण किया और उस पर प्रतिबंध लग गए।
उस समय कोई भी पश्चिमी देश भारत के साथ रिश्‍ते नहीं शुरू करना चाहता था। यहां तक कि किसी भी भारतीय राजदूत से भी बात करने का इच्छुक नहीं था।
ऐसे समय में तत्‍कालीन फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति जैक शिराक ने भारत का साथ देने का मन बनाया। जैक शिराक ने उस समय कहा था कि हमें एशिया की उभरती हुई महाशक्तियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उनकी वजह से आज यह रणनीतिक साझेदारी इतनी मजबूत हुई है।

दोनों देशों की स्‍वतंत्र विदेश नीति

उन्‍होंने बताया कि भारत के 30 देशों के साथ रणनीतिक रिश्‍ते हैं लेकिन कुछ ही ऐसे देश हैं जिनके साथ रिश्‍ते पूरी तरह से रणनीतिक साझीदारी पर आधारित हैं। भारत और फ्रांस की विदेश नीति लगभग एक सी है। दोनों ही देश एक स्‍वतंत्र विदेश नीति का पालन करते हैं। दोनों ही देश स्‍वतंत्र रणनीतिक स्‍वायत्‍ता में यकीन करते हैं।

भारत के लिए एक ही रुख
इसके अलावा फ्रांस का रुख कभी भी भारत के लिए नहीं बदला है। साथ ही वह भारत की चिंताओं को समझते हैं। दुनिया में ऐसी कोई महाशक्ति नहीं है जो इस तरह से चिंताओं को समझकर भारत के लिए आगे आए। इस रणनीतिक साझीदारी का कई मौकों पर टेस्‍ट भी हुआ है और हर बार उसने परीक्षा पास की है। मोहन कुमार ने बताया कि पूर्व में फ्रांस की पाकिस्‍तान की मदद भी की है लेकिन उससे भारत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है। ऐसे में उनका रिकॉर्ड काफी बेहतर है।

सुरक्षा परिषद में सच्‍चा साथी

मोहन कुमार ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया कि फ्रांस यूरोप में भारत की सफलता की पहली सीढ़ी है। लेकिन यूरोपियन यूनियन (ईयू) से यूके के जाने के बाद फ्रांस यूरोप का अकेला देश है जो सुरक्षा परिषद का सदस्‍य है और परमाणु शक्ति से लैस है। ऐसे में यह परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और फ्रांस के आपसी सहयोग की संभावना काफी बढ़ जाती है। सुरक्षा परिषद का स्‍थायी सदस्‍य होने की वजह से फ्रांस काउंटर टेररिज्‍म, आतंकियों को बैन करना, मिसाइल कंट्रोल रिजाइम में भारत का साथ देना और ऐसे कई मसलों में फ्रांस ही भारत का सबसे बड़ा मददगार साबित हुआ है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 28 July 2026
टोक्यो: जापान में 7.1 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गये हैं जिसके बाद सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया…
 28 July 2026
काठमांडू: नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि वह नेपाली नागरिकों के बॉयोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र (Natioanl Identity Card) को यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दे। राजनयिक चैनलों…
 28 July 2026
तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले का ईरान का दांव कामयाब होता दिख रहा है। पिछले तीन दिनों के मैरीटाइम डेटा से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से…
 28 July 2026
काठमांडू: नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने अगस्त में चीन का दौरा कर सकते हैं। उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) ने आमंत्रित किया है और…
 27 July 2026
इस्लामाबाद: बलोच नेता मीर यार ने एक बार फिर भारत से रिश्ते पर जोर दिया है और पाकिस्तान से आजादी की बात कही है। मीर यार ने भारत को सदियों…
 27 July 2026
बीजिंग: चीन पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारतीय विमानों को लेकर प्रोपेगैंडा फैला रहा है। चीनी मीडिया पिछले एक सवा साल से लगातार अपने रक्षा उपकरणों जैसे…
 27 July 2026
इस्लामाबाद: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि कश्मीर मुद्दे से जुड़े किसी विवाद पर बात होगी तो वह पाकिस्तान के…
 27 July 2026
ढाका: बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार उज जमां ने बीते हफ्ते पांच दिन का तुर्की का दौरा किया है। वह दौरा खत्म कर शनिवार, 25 जुलाई को ढाका लौटे…
 27 July 2026
लंदन: स्वीडन की एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने दिल्ली में मजबूती से विरोध प्रदर्शन करने के लिए भारतीय छात्रों की तारीफ की है। लंदन के ट्रैफलगर स्क्वायर पर एसएफआई की रैली…
Advt.