बाबरी मस्जिद से जुड़े इकबाल अंसारी कौन हैं? जिन्हें अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण दिया गया
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13-01-2024 01:14 PM
धर्मेंद्र सिंह, अयोध्या: अयोध्या के राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण में मुस्लिम पक्षकार इंकबाल अंसारी का रोल बहुत ही अहम रही है। मंदिर निर्माण के तमाम मामलों में इकबाल अंसारी का सॉफ्ट कार्नर उन्हें सुलझाने में सफल रहा है। अयोध्या नगरी में प्रवेश करते ही सबसे पहले इकबाल अंसारी का माकान पड़ता है। राम मंदिर परिसर के पास ही रहने वाले इकबाल नें बचपन से ही मंदिर आंदोलन की हर गतिविधि को देखा है। पिता हामिद अंसारी से उन्होंने कानूनी उलझनों को भी जाना है। पिता की मौत के बाद उन्होंने राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण के हक में जाने का फैसला किया, जिसकी हमेशा से प्रशंसा होती है और होती रहेगी।
इकबाल अंसारी अयोध्या भूमि विवाद मामले के वादियों में से एक थे। इनके पिता हाशिम अंसारी भूमि विवाद केस के सबसे उम्रदराज वादी थे। 2016 में 95 वर्ष की उम्र में हाशिम अंसारी की मौत हो गई थी, जिसके बाद इकबाल ने अदालत में मामले को आगे बढ़ाया। गौरतलब है कि केस के वादी इकबाल अंसारी, हाजी महबूब और मोहम्मद उमर ने इस बात से इनकार कर दिया था कि अयोध्या विवाद का फैसला अदालत के बाहर हो सकता है। इस संबंध में अयोध्या में स्थानीय मुसलमानों की एक बैठक भी हुई थी।
इसमें एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें कहा गया था कि मुसलमान मस्जिद को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित नहीं करेंगे। 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित स्थल पर एक सरकारी ट्रस्ट के जरिए राम मंदिर के निर्माण का समर्थन किया। फैसला सुनाया कि हिंदू पक्ष को मस्जिद के लिए मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन देनी होगी। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मुकदमे के पूर्व वादी इकबाल अंसारी को 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले राम मंदिर उद्घाटन समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से यह निमंत्रण दिया गया है। इकबाल अंसारी बाबरी मस्जिद के प्रमुख समर्थक रहे हैं। उन्हें 5 अगस्त, 2020 को आयोजित राम मंदिर के 'भूमिपूजन' समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भी मिला था। अंसारी उन सैकड़ों लोगों में शामिल थे, जिन्होंने 30 दिसंबर को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कतार में खड़े होकर स्वागत किया था। इस दौरान पीएम मोदी ने जब मोदी ने उत्तर प्रदेश में कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखने के अलावा एक पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन और एक नवनिर्मित हवाई अड्डे का उद्घाटन किया था।
एक वीडियो में इकबाल को प्रधानमंत्री के काफिले पर फूल बरसाते हुए भी देखा जा सकता है। मंदिर शहर में रोड शो के दौरान जब मोदी का काफिला पांजी टोला इलाके से गुजरा तो इकबाल ने कहा, "वह (मोदी) हमारे यहां आए हैं। वह हमारे मेहमान और हमारे प्रधानमंत्री हैं। इकबाल के पिता, हाशिम अंसारी, जो भूमि विवाद मामले में सबसे उम्रदराज वादी थे उनकी 2016 में 95 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई। बता दें कि 22 जनवरी को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए अयोध्या को सजाया जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। जहां इकबाल अंसारी को भी निमंत्रण दिया गया है।
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