भारतीय मूल के वकील की अमेरिका मे क्यों हो रही इतनी तारीफ, बराक ओबामा ने भी किया ट्वीट
Updated on
29-06-2023 07:50 PM
वॉशिंगटन: भारतीय-अमेरिकी वकील नील कात्याल को अमेरिका में नेशनल हीरो और सच्चे देशभक्त के रूप में सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने हाल में ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक मामले में जीत हासिल की है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह शायद अमेरिका के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक मामला है। नील कात्याल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में वॉचडॉग ग्रुप कॉमन कॉज का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उन्होंने सोमवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 6-3 से जीत हासिल की थी। इसमें कोर्ट ने चुनाव नियमों को निर्धारित करने के लिए अदालतों पर राज्य विधानसभाओं की प्रधानता को खारिज कर दिया। पुराने कानून का समर्थन डोनाल्ड ट्रंप को चाहने वाले कर रहे थे।
अमेरिकी चुनाव कानूनों को लेकर बड़ा फैसला
मूर बनाम हार्पर मामले में अदालत के फैसले ने अमेरिका के चुनाव कानूनों में आमूल-चूल बदलाव को बंद कर दिया है। इसमें राज्य विधानमंडलों को बहुत थोड़ी निगरानी के साथ संघीय चुनावों के लिए नियम निर्धारित करने का अधिकार दिया गया था। इस तथाकथित स्वतंत्र राज्य विधानमंडल सिद्धांत को रिपब्लिकन-प्रभुत्व वाले उत्तरी कैरोलिना राज्य के विधानमंडल ने आगे बढ़ाया था। इस सिद्धांत को तीन उदारवादी न्यायधीशों ने तीन रूढ़िवादियों के साथ मिलकर खारिज कर दिया। उन्होंने फैसला सुनाया कि अमेरिकी संविधान, राज्य के विधायी कार्यों को राज्य के अदालतों की समीक्षा से अलग नहीं करता है।
बराक ओबामा ने की फैसले की तारीफ
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही अमेरिका के शीर्ष कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञ खुश हो गए। यहां तक कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी इस फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि आज, सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्र राज्य विधायिका सिद्धांत को खारिज कर दिया, जिसने हमारे लोकतंत्र को खत्म करने और जांच और संतुलन की हमारी प्रणाली को खत्म करने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि यह फैसला दक्षिणपंथी सिद्धांत को खारिज करता है, जिसने हमारे लोकतंत्र को कमजोर करने की धमकी दी और यह स्पष्ट करता है कि अदालतें उत्तरी कैरोलिना और हर राज्य में मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना जारी रख सकती हैं।
कात्याल की मां डॉक्टर और पिता इंजीनियर
इसके बाद पूरे अमेरिका में 50 साल के भारतीय मूल के वकील कात्याल की तारीफ की जा रही है। उनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष किसी भी अल्पसंख्यक वकील की तुलना में अधिक मामलों (लगभग 50) में बहस की। इसी के साथ उन्होंने प्रसिद्ध थर्गूड मार्शल द्वारा रखे गए रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। कात्याल की मां एक बाल रोग विशेषज्ञ हैं जबकि पिता एक इंजीनियर हैं। कात्याल ने डार्टमाउथ कॉलेज से पढ़ाई की है और येल से कानून की डिग्री पाई है। उन्होंने भारतीय मूल के एक अन्य प्रतिष्ठित अमेरिकी संवैधानिक विद्वान अखिल अमर के अंडर में अध्ययन किया है।
कात्याल ने नेटफ्लिक्स पर की है एक्टिंग
नील कात्याल वर्तमान में लॉ फर्म होगन लोवेल्स में पार्टनर हैं। वह जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी लॉ सेंटर में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पढ़ाते हैं। वह विश्वविद्यालय के इतिहास में सबसे कम उम्र में कार्यकाल और प्रोफेसरशिप प्राप्त करने वाले प्रोफेसर भी हैं। उन्होंने हार्वर्ड और येल दोनों लॉ स्कूलों में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में भी काम किया है। कात्याल ने एक्टिंग भी की है। उन्होंने नेटफ्लिक्स के हाउस ऑफ कार्ड्स और शोटाइम के बिलियन्स में कैमियो भूमिकाएं निभाई हैं।
काठमांडू: नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि वह नेपाली नागरिकों के बॉयोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र (Natioanl Identity Card) को यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दे। राजनयिक चैनलों…
तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले का ईरान का दांव कामयाब होता दिख रहा है। पिछले तीन दिनों के मैरीटाइम डेटा से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से…
काठमांडू: नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने अगस्त में चीन का दौरा कर सकते हैं। उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) ने आमंत्रित किया है और…
बीजिंग: चीन पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारतीय विमानों को लेकर प्रोपेगैंडा फैला रहा है। चीनी मीडिया पिछले एक सवा साल से लगातार अपने रक्षा उपकरणों जैसे…
इस्लामाबाद: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि कश्मीर मुद्दे से जुड़े किसी विवाद पर बात होगी तो वह पाकिस्तान के…
लंदन: स्वीडन की एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने दिल्ली में मजबूती से विरोध प्रदर्शन करने के लिए भारतीय छात्रों की तारीफ की है। लंदन के ट्रैफलगर स्क्वायर पर एसएफआई की रैली…